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चतरा कोर्ट का फैसला: अफीम तस्करी के दोषी रामदेव साव को 15 साल की सजा, 1.50 लाख जुर्माना

चतरा कोर्ट का फैसला: अफीम तस्करी के दोषी रामदेव साव को 15 साल की सजा, 1.50 लाख जुर्माना

-सदर थाना क्षेत्र में मायापुर का रहने वाला है रामदेव उर्फ जितेंद्र उर्फ जीतन
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा :
जिला व्यवहार न्यायालय स्थित विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ा फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने सदर थाना क्षेत्र के मायापुर गाँव निवासी रामदेव साहु उर्फ जितेंद्र उर्फ जितन को एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत दोषी करार देते हुए अदालत ने दोषी को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर एक लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा नहीं करनें कि स्थिति में उसे दो साल अतिरिक्त जेल में सजा काटनी होगी। विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार श्रीवास्तव में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मामला 5 जुलाई 2021 का है। उन्होंने बताया कि सदर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक दिनेश कुमार हेम्ब्रम के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने आरोपी रामदेव के घर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कि थी। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 5 किलोग्राम गीला अफीम, 1.8 किलोग्राम कट और 20 हजार रुपये नगद बरामद किया गया था। साथ ही मौके से पुलिस ने रामदेव कुमार साव को भी गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सदर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए रामदेव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

गवाहों और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर हुई सजा : विशेष लोक अभियोजक
न्यायालय में करीब पांच वर्षो तक ट्रायल चला। ट्रायल के दौरान एनडीपीएस कोर्ट के स्पेशल पीपी अमित कुमार श्रीवास्तव ने न्यायालय में गवाहो का गवाही दर्ज कराया था। गवाहों और पीपी कि पैरवी सुनने के बाद न्यायालय नें अपना फैसला सुनाया हैं। स्पेशल पीपी नें बताया कि जिला अभियोजन कार्यालय चतरा द्वारा एनडीपीएस और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में गुणवत्तापूर्ण व असरदार पैरवी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस केस में भी हमारी टीम ने न्यायालय के समक्ष सभी मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को बेहद मजबूती से रखा। सभी गवाहों और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप पूरी तरह सिद्ध हुए, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने यह सख्त सजा सुनाई है।

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