बाढ़। बेढ़ना गांव में कथित जहरीली शराब से हुई चार लोगों की मौत के बाद सोमवार को पूरा इलाका गम में डूबा रहा। जिस गांव में एक दिन पहले तक जिंदगी की रौनक थी, वहां सोमवार को सिर्फ चीख-पुकार और मातम सुनाई दिया। चार परिवारों ने एक साथ अपने अपनों को खो दिया और सती स्थान गंगा घाट पर एक साथ चार चिताएं जल उठीं।
ग्रामीणों का कहना था कि अगर अवैध शराब के कारोबार पर समय रहते लगाम लगाई जाती, तो शायद चार परिवारों को आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। इस दर्दनाक और बेहद दुःखद घटना के बाद चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिए गए।
सोमवार को जब चारों शव अंतिम संस्कार के लिए सती स्थान गंगा घाट पहुंचे तो माहौल बेहद भावुक हो गया। एक के बाद एक चार चिताएं सजीं और देखते ही देखते आग की लपटों में चार जिंदगियों का सफर खत्म हो गया। घाट पर मौजूद परिजनों की चीख-पुकार ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। किसी ने बेटा खोया, किसी ने पिता, तो किसी ने अपना सहारा।
मृतक के पिता राजीव सिंह की आंखों के सामने अपने बेटे की चिता जलती रही और परिवार का दर्द देखकर मौजूद लोगों का कलेजा भी कांप उठा। घटना के बाद ग्रामीणों की मांग है कि कथित तौर पर शराब बेचने वाले लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
इधर, मद्य निषेध विभाग की टीम ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर करीब 20 लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। विभाग की कार्रवाई लगातार जारी बताई जा रही है।
चार चिताओं की आग ने बेढ़ना के लोगों के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ दिया है—आखिर कब तक अवैध शराब की कीमत किसी परिवार को अपने अपनों की जान देकर चुकानी पड़ेगी?
