गिरिडीह। जिला प्रशासन के सहयोग से बालमुकुंद फैक्ट्री द्वारा उसरी नदी से पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जिसका स्थानीय ग्रामीणों और जन-प्रतिनिधियों ने तीखा विरोध किया है। चतरो मोड़ पर ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। मामले की जानकारी मिलते ही माले नेता राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, असंगठित मजदूर मोर्चा के मसूदन कोल, पवन यादव, भीम कोल आदि मौके पर पहुंचे और प्रशासन से वार्ता की। प्रशासन का पक्ष: प्रशासन के अनुसार, पथ निर्माण विभाग ने बालमुकुंद फैक्ट्री को पाइपलाइन बिछाने का लिखित आदेश दिया है। फैक्ट्री प्रबंधन के आवेदन पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की झड़प न हो।
नेताओं और ग्रामीणों का आक्रोश
माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड में यह पहली बार हो रहा है जब किसी फैक्ट्री के लिए उसरी नदी का पानी ले जाया जा रहा है। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं और अब हम इस मुद्दे पर कानून का सहारा लेंगे। शुभांकर गुप्ता व कन्हाई पांडेय ने कहा कि गंगापुर और चतरो गांव होकर पाइपलाइन गुजर रही है, लेकिन ग्रामीणों को भविष्य के असर की जानकारी नहीं दी गई। जल, जंगल और जमीन बचाने का दावा करने वाले लोग ही इस कार्य में लगे हैं और उनका कोई सहयोग नहीं मिल रहा। विजय विशाल व विकास राय ने कहा कि जिस फैक्ट्री की स्थापना में ग्रामीणों ने साथ दिया, वही आज नदी का पानी ले जा रही है। बालमुकुंद फैक्ट्री ने पैसे के बल पर कुछ स्थानीय लोगों को अपने पक्ष में कर लिया है, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा।
शांतिवार्ता में शामिल लोग
प्रशासन के साथ हुई शांतिपूर्ण वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता विकास राय, अरुण साव, अनुज राय, स्वामीनाथ राय, रंजीत राय, सागर राय, आदर्श साव, अजय कुमार, विजय विशाल, पिंटू मल्लाह, मुरारी राय, भोला राय, संदीप गुप्ता, नकुल साव, राम रतन राय, प्रदीप कोल, जपला कोल, फागू यादव, रॉकी गुप्ता, राहुल शर्मा, अजय यादव, गणेश राय, पवन यादव, अशोक राय और मेघलाल राय समेत कई ग्रामीण शामिल थे।
