-बिजली पोल में 11 हजार वोल्ट करंट दौड़ने से हुआ हादसा, पशुपालकों को करीब एक लाख रुपये का नुकसान,
-10 दिन पहले भी करंट से एक भैंस की गई थी जान, मुआवजे व विद्युत व्यवस्था की जांच की मांग
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : हंटरगंज थाना क्षेत्र के डुमरी फिटिंगटांड गांव में शनिवार को बिजली विभाग की कथित लापरवाही से बड़ा हादसा हो गया। गांव के खुले मैदान में चर रही एक दुधारू गाय और एक बछिया 11 हजार वोल्ट विद्युत लाइन के पोल में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने पीड़ित पशुपालकों को शीघ्र मुआवजा देने और पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।जानकारी के अनुसार, डुमरी फिटिंगटांड निवासी गणेश भुईयां एवं गुड्डू भुईयां के मवेशी शनिवार सुबह गांव के खुले मैदान में चर रहे थे। इसी दौरान दोनों मवेशी 11 हजार वोल्ट विद्युत लाइन के एक पोल के संपर्क में आ गए, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट लगते ही दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और पोल में करंट प्रवाहित होने के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर विद्युत पोलों और लाइनों की तकनीकी जांच की जाती, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।पीड़ित पशुपालकों ने बताया कि मृत दोनों मवेशियों की कीमत लगभग 50-50 हजार रुपये थी।दुधारू पशुओं की मौत से उनके परिवार को करीब एक लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन एवं बिजली विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग की है।ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10 दिन पूर्व भी इसी गांव में सहदेव यादव की एक भैंस बिजली करंट की चपेट में आकर मर गई थी।लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय और नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि बिजली विभाग ने समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो भविष्य में किसी इंसान की भी जान जा सकती है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित पशुपालकों को शीघ्र आर्थिक सहायता तथा गांव की संपूर्ण विद्युत व्यवस्था की तकनीकी जांच कर आवश्यक सुधार कराने की मांग की है।इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ सत्यदेव यादव ने कहा कि घटना की जानकारी मिली है।मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी खामी या विभागीय लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग की कथित लापरवाही से दो मवेशियों की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
