Skip to main content

Birsa Times

धर्मतला हिंसा मामले में सात एफआईआर, 70 उपद्रवी चिन्हित; होगी कड़ी कार्रवाई : शुभेंदु अधिकारी

धर्मतला हिंसा मामले में सात एफआईआर, 70 उपद्रवी चिन्हित; होगी कड़ी कार्रवाई : शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में धर्मतला के डोरिना क्रॉसिंग पर शुक्रवार को यूनाइटेड कॉकरोच मार्च के बैनर तले हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में कोलकाता पुलिस ने कुल सात प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें छह प्राथमिकी मीडिया कर्मियों की शिकायतों के आधार पर और एक स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की गई है। शनिवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना की जानकारी देते हुए मीडिया कर्मियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि अब तक 70 उपद्रवियों को चिन्हित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जांच में समुदाय विशेष के कुख्यात अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने विधानसभा में ऐसे चार आरोपितों के नाम भी बताए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपितों पर हाल ही में विधानसभा से पारित पब्लिक सेफ्टी एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार उपद्रव और हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी तथा दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जिसे उनकी आने वाली तीन पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है। इसी सिद्धांत के तहत पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति दी थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी स्थिति में बल प्रयोग नहीं किया जाए। पूरे हालात पर निगरानी रखी जा रही थी। प्रदर्शनकारियों ने लगातार पुलिस को उकसाने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने संयम बनाए रखा और किसी भी उकसावे में नहीं आए।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारी पुलिस को भड़काने में सफल नहीं हुए तो उन्होंने सुनियोजित तरीके से मीडिया कर्मियों को निशाना बनाया। इस हमले में छह मीडिया कर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। सभी का सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया गया है और उनकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

मीडिया कर्मियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाजपा विधायक इस घटना के विरोध में विधानसभा के दूसरे सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष काला बैंड बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

पुलिस की स्वतः दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे विभिन्न राजनीतिक और छात्र-युवा संगठनों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग डोरिना क्रॉसिंग पर एकत्र हुए। आरोप है कि यह जमावड़ा बिना पुलिस की अनुमति के किया गया था। प्राथमिकी में एआईडीएसओ, एआईडीवाईओ, सीपीआई (एमएल), डीवाईएफआई, एआईएसए, पीडीएसएफ, एएफएसए, डीएसएफ, आईएसयू और एपीडीआर सहित कई संगठनों का उल्लेख किया गया है।

पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से भड़काऊ भाषण दिए गए और समर्थकों को पूरे डोरिना क्रॉसिंग पर कब्जा करने के लिए उकसाया गया। पुलिस द्वारा सभा को अवैध घोषित कर बार-बार क्षेत्र खाली करने और शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने निर्देशों का पालन नहीं किया।

प्राथमिकी में कहा गया है कि इसके बाद भीड़ ने पुलिसकर्मियों, मीडिया कर्मियों और आम राहगीरों पर पानी की बोतलें, जूते, लाठियां और पत्थर फेंके, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के बावजूद बल ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा और प्रदर्शन को निर्धारित क्षेत्र तक सीमित किया। घटना के कारण लंबे समय तक यातायात और जनजीवन प्रभावित रहा। शाम करीब 7:15 बजे प्रदर्शनकारी क्षेत्र से चले गए।

इस मामले में हेयर स्ट्रीट थाने में विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *