Skip to main content

Birsa Times

गुजरात में बारिश का कहर, कई जिलों में रेड अलर्ट जारी; नवसारी में करंट लगने से तीन मजदूरों की मौत

गुजरात में बारिश का कहर, कई जिलों में रेड अलर्ट जारी; नवसारी में करंट लगने से तीन मजदूरों की मौत

अहमदाबाद/सूरत: गुजरात में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किए जाने के बीच शुक्रवार सुबह राज्य के 87 तहसीलों में बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है और प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।

खेड़ा जिले के वसो में सुबह आठ से दस बजे के बीच केवल दो घंटे में करीब पांच इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं सूरत, वडोदरा और भरूच समेत कई शहरों की सड़कों पर पानी भर गया है। सूरत में खाड़ियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

नवसारी जिले के गणदेवी तहसील अंतर्गत गणदेवा गांव के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां मजदूरों से भरा एक टेम्पो बिजली के तार के संपर्क में आ गया, जिससे करंट फैल गया। हादसे में टेम्पो में सवार तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को खारेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से एक गंभीर घायल को बेहतर इलाज के लिए सूरत रेफर किया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही गणदेवी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल भी स्थिति का जायजा लेने के लिए रवाना हुए हैं।

राज्य के कई इलाकों में सुबह से तेज बारिश हो रही है। वसो में पांच इंच, बालासिनोर में करीब ढाई इंच और नडियाद में एक इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई। वडोदरा, भरूच, खेड़ा और छोटाउदेपुर जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। हेरण नदी में आई बाढ़ के कारण राजवासणा का रबर डैम पूरी तरह पानी में डूब गया है।

सूरत में लगातार बारिश के कारण कतारगाम, सूर्यपुर गरनाला और पोदार आर्केड रोड समेत कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है। खाड़ियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। कतारगाम क्षेत्र में जलभराव और खुले सीवर को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

नर्मदा जिले के तिलकवाड़ा में एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ के पानी में फंसे एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं राजपीपला-सिसोदरा मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात रोक दिया गया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

मौसम विभाग के अनुसार गुजरात में इस समय चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनमें डीप डिप्रेशन, मानसून ट्रफ, अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस शामिल हैं। इनके प्रभाव से दो अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

आईएमडी के निदेशक डॉ. ए.के. दास ने बताया कि तटीय क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। अहमदाबाद, बोटाद, भावनगर, आनंद, वडोदरा, छोटाउदेपुर, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, नवसारी, डांग, वलसाड, दमन और दादरा एवं नगर हवेली में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कई अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव तैयारियां तेज कर दी हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत समेत नौ जिलों में स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है। गांधीनगर में राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा की अध्यक्षता में हुई वेदर वॉच ग्रुप की बैठक में सभी विभागों को आवश्यक संसाधनों और राहत टीमों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *