आदिवासी एक्सप्रेस संवाददाता
नौडीहा बाजार,(पलामू): नौडीहा बाजार प्रखंड अंतर्गत डगरा पंचायत के सापही नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से बना पुल निर्माण के तीसरे साल में ही खंडहर में तब्दील होने लगा है। पुल का गढ़वाल (रिटेनिंग वॉल / एप्रोच) टूटकर धंस गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि इस पुल का निर्माण लगभग 2 वर्ष पूर्व किया गया था। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। यही कारण है कि पहली दो बरसात भी यह पुल ठीक से नहीं झेल पाया और अब इसकी स्थिति जर्जर हो गई है। इस पुल से प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों का आवागमन होता है। यह सिर्फ डगरा पंचायत ही नहीं, बल्कि झारखंड को बिहार राज्य से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। अगर गढ़वाल पूरी तरह टूट जाता है तो झारखंड-बिहार का सीधा संपर्क बाधित हो जाएगा और स्कूली बच्चे, किसान और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों में इसको लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मुखिया और प्रखंड अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पुल के निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी संवेदक और संबंधित अभियंता पर कड़ी कार्रवाई की जाए और बरसात से पहले युद्धस्तर पर इसकी मरम्मत कराई जाए।ग्रामीणों का कहना है: “करोड़ों का पुल बना लेकिन गुणवत्ता जीरो है। अगर यही हाल रहा तो पुल के साथ-साथ हम लोग भी नदी में बह जाएंगे। सरकार हमारी आवाज सुने।
करोड़ों की लागत से बना पुल 2 साल में ही खंडहर में तब्दील, गढ़वाल धंसा – झारखंड-बिहार संपर्क टूटने की कगार पर
