बिरनी/गिरिडीह। गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत भरकट्टा ओपी क्षेत्र के बाराडीह गांव में गुरुवार सुबह करीब नौ बजे जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। घटना में एक पक्ष के सात तथा दूसरे पक्ष के तीन लोग घायल हुए हैं। सबसे गंभीर रूप से घायल सहोदर यादव (35) को पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगाया गया है। वह करीब 70 प्रतिशत तक झुलस गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रांची के रिम्स रेफर कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार रूपलाल महतो और गोपी महतो पक्ष के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। गुरुवार सुबह रूपलाल महतो के परिवार के सदस्य विवादित जमीन पर खूंटा गाड़ रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते लाठी-डंडे और मारपीट के साथ खूनी संघर्ष में बदल गई।घटना में एक पक्ष से सहोदर यादव (35), ढालों यादव (40), सुरेंद्र यादव (30), नीतू देवी (30), मालती देवी (28), प्रीति कुमारी (18) एवं भागवती देवी (45) घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष से नन्हकी देवी और बलिया देवी को चोटें आई हैं।घायल सहोदर यादव ने आरोप लगाया कि गोपी महतो पक्ष के लोगों ने उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और लाठी-डंडे से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिरनी पहुंचाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए सहोदर यादव को रांची रिम्स तथा अन्य घायलों को गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिरनी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुलदीप तिर्की ने बताया कि सहोदर यादव लगभग 70 प्रतिशत तक झुलस गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची भेजा गया है। अन्य गंभीर घायलों को भी सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
मुखिया ने ओपी प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
बाराडीह पंचायत के मुखिया सहदेव यादव ने घटना के लिए भरकट्टा ओपी प्रभारी को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विवादित जमीन के संबंध में बगोदर-सरिया एसडीओ द्वारा जांच कर धारा 163 के तहत कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मांगा गया था। आरोप लगाया कि ओपी प्रभारी ने धारा 163 के बजाय केवल धारा 126 के तहत कार्रवाई की। यदि समय रहते धारा 163 लागू की जाती तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।
ओपी प्रभारी ने क्या कहा
भरकट्टा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि अब तक किसी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सहोदर यादव को वास्तव में पेट्रोल छिड़ककर जलाया गया है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि एक सप्ताह पूर्व धारा 126 के तहत कार्रवाई की गई थी तथा धारा 163 लागू करने के लिए एसडीओ को प्रतिवेदन भेज दिया गया है। इस संबंध में अंतिम निर्णय एसडीओ स्तर से लिया जाएगा।
