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कमलपुर राजह चक्र कार्यालय में मण्डल-दलालो का ताण्डव; वरिष्ठ लाट मण्डल सुब्रत पाल पर रिश्वत और अभद्रता के आरोप।

कमलपुर राजह चक्र कार्यालय में मण्डल-दलालो का ताण्डव; वरिष्ठ लाट मण्डल सुब्रत पाल पर रिश्वत और अभद्रता के आरोप।

पंकज नाथ, गुवाहाटी , 17 मई :

कामरूप जिले के कमलपुर राजह चक्र कार्यालय में दलाल और मण्डलों के भ्रष्टाचार का मामला फिर से गर्मागर्म चर्चा में आ गया है। कामरूप जिले के बारेगांव निवासी मनोवार हुसेन ने मीडिया को आरोप दिया है कि कमलपुर राजह चक्र के वरिष्ठ लाट मण्डल सुब्रत पाल ने बटवारे के नाम पर जमीन का पक्का कब्ज़ा दिलाने के बहाने 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। जब पैसे न थे तो पीड़ित को केवल 6,000 रुपये देने पड़े। इसके बावजूद जमीन की पट्टा नहीं दी गई और बाद में सुब्रत पाल ने कहा कि वह जमीन किसी संजय मेधी के नाम पर हैं, जो पीड़ित के जानकारी के अनुसार वह दलाल का काम करता फिरता है । पीड़ित मनोवार हुसेन का कहना है कि कार्यालय में मण्डल और दलालों का मिलीभगत जारी है; फाइलें सिर्फ तभी आगे बढ़ती हैं जब रिश्वत मिलती है। यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपना चुके हैं। बावजूद इसके कमलपुर चक्र कार्यालय में भ्रष्टाचार और अभद्रता की कहानी ज्यों की त्यों चलती दिखाई दे रही है। शिकायतों में यह भी बताया गया है कि सुब्रत पाल ने न सिर्फ जमीन की काम करने से इनकार किया, बल्कि चक्र अधिकारी के समक्ष भी पीड़ित के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि जब पत्रकार इस मामले की खबर लेने कार्यालय गए तो उन्हें भी सुब्रत पाल द्वारा अपमानजनक और उत्पीड़क व्यवहार का सामना करना पड़ा। इससे स्थानीय लोगों में वितृष्णा और आशंका बढ़ी है कि प्रशासनिक तंत्र के भीतर कुछ लोग संरक्षण पाकर खुलेआम गलत काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुब्रत पाल के खिलाफ पहले भी कई बार भ्रष्टाचार के आरोप उठे हैं, परंतु किसी अज्ञात कारणवश संबंधित विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही कारण है कि जनता में सवाल उठ रहे हैं कि क्या विभागीय लापरवाही या संरक्षण के चलते भ्रष्टाचार कायम है। सचेत मंडली ने दोषियों के खिलाफ त्वरित जांच और जवाबदेही की मांग की है। मामले की त्वरित जांच और पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग से आह्वान किया है कि वे स्वतंत्र जांच कराएं और यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही श्रेणीगत शिकायत निवारण की व्यवस्था को सक्रिय करने तथा दलालों की घुसपैठ रोकने के लिए ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने का भी आग्रह किया गया है। सरकार और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी संकल्प के अनुरूप इस तरह के मामलों में तेजी से कार्रवाई होगी और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे । स्थानीय नागरिक और पीड़ित मामले की निष्पक्ष व त्वरित प्रशासनिक कदमों के भरोसे हैं।

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