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गोहपारू बिजली विभाग के कारनामे एक तरफ अंधेरे और प्यास से तड़पती जनता, दूसरी तरफ नशे में चूर विभाग की टीम ग्रामीणों का संगीन आरोप

गोहपारू बिजली विभाग के कारनामे एक तरफ अंधेरे और प्यास से तड़पती जनता, दूसरी तरफ नशे में चूर विभाग की टीम ग्रामीणों का संगीन आरोप

राजेश यादव

गोहपारू के ग्राम मलमाथर मौहार टोला के (यादव मोहल्ला) में बिजली संकट को लेकर जो खुलासे हो रहे हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। एक सप्ताह से अंधेरे में डूबे ग्रामीणों ने अब विभाग की कार्यशैली पर ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के चरित्र और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा और खुला आरोप है कि इंजीनियर श्रीनिवास पटेल और उनकी टीम न केवल जनता का फोन नहीं उठाती, बल्कि वे अक्सर नशे की हालत में रहते हैं, जिसके कारण उन्हें जनता की तकलीफें सुनाई नहीं दे रही हैं।

नशे में डूबा तंत्र ग्रामीणों ने बयां की अपनी व्यथा

मलमाथर के ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय निवासियों ने दबी जुबान से नहीं, बल्कि मुखर होकर आरोप लगाया है कि जब भी बिजली संबंधी समस्याओं के लिए विभाग के कर्मचारियों या टीम से संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो उनकी भाषा और व्यवहार मर्यादित नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है कि – “साहब और उनकी टीम नशे के चलते होश में ही नहीं रहती, तो वे हमारी बिजली क्या ठीक करेंगे? बार-बार फोन लगाने पर भी फोन न उठाना और क्षेत्र से गायब रहना, उनकी इसी हालत की ओर इशारा करता है।”

45 डिग्री का टॉर्चरः मासूम बच्चों और बुजुर्गों की चीखें बेअसर

एक तरफ विभाग की कथित ‘मस्ती’ चल रही है, तो दूसरी तरफ यादव मोहल्ले में मौत जैसा सन्नाटा और तपिश है। पारा 45 डिग्री पार कर चुका है। बिजली न होने से घरों में लगे पंखे और कूलर लोहे के कबाड़ बन चुके हैं।

बूंद-बूंद पानी को तरसी जनताः बिजली के बिना मोटरें बंद हैं, जिससे पीने के पानी का भीषण अकाल पड़ गया है। महिलाएं इस चिलचिलाती धूप में मीलों दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।

बीमारियों का खतराः गर्मी और गंदा पानी पीने के कारण मोहल्ले में बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन ‘नशे और लापरवाही’ में डूबे बिजली विभाग को इससे कोई सरोकार नहीं है।

इंजीनियर श्रीनिवास पटेल की चुप्पीः आखिर राज क्या है

ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इंजीनियर श्रीनिवास पटेल किसी भी ग्रामीण का फोन क्यों नहीं उठाते? क्या फोन न उठाना अपनी गलतियों को छिपाने का एक तरीका है? ग्रामीण फारुख और अन्य युवाओं ने बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप पर कलेक्टर और कमिश्नर को जो शिकायत भेजी है, उसमें स्पष्ट रूप से विभाग की इस कार्यशैली और नशे के आरोपों का जिक्र किया गया है।

कलेक्टर और कमिश्नर से ‘मेडिकल जांच’ की मांग

आक्रोशित ग्रामीणों ने अब शहडोल कलेक्टर और कमिश्नर से मांग की है किः

  1. तत्काल मौके पर जांच टीम भेजी जाए और बिजली बहाल की जाए।
  2. ड्यूटी के दौरान लापरवाह और नशे में रहने वाले कर्मचारियों का मेडिकल टेस्ट कराया जाए।
  3. जनता का फोन न उठाने वाले इंजीनियर श्रीनिवास पटेल पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

चेतावनीः अब दफ्तर में होगा ‘हल्ला बोल’

अब ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर शहडोल कमिश्नर शहडोल एसडीएम तहसीलदार को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई है अब यह भी देखना होगा कि जिले संभाग के अधिकारी इस मामले में क्या निराकरण करवा पाते हैं लाइट सुधर सकते हैं य अंधेरे में डूबा रहेगा यादव मोहल्ला

ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि अगर अगले कुछ घंटों में बिजली चालू नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। पूरा मोहल्ला गोहपारू बिजली दफ्तर का घेराव करेगा और जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना खत्म नहीं होगा।

1जब इस संबंध में इंजीनियर श्रीनिवास पटेल गोहपारू को दो बार फोन लगाया गया लेकिन फोन नहीं उठाया गया

2 हमारे यहां एक सप्ताह से लाइट नहीं है पानी की काफी समस्या है भीषण गर्मी है कई बार इंजीनियर को फोन लगाया गया लेकिन उनके द्वारा नहीं उठाया जा रहा है कार्यवाही हो

स्थानीय निवासी समाजसेवी राजेश कुमार यादव

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