आदिवासी एक्सप्रेस ब्यूरो कृष्णा गोस्वामी
देवघर – जहां इन दिनों एंटी करप्शन ब्यूरो भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं इसी कड़ी में एसीबी दुमका की टीम के द्वारा बुधवार को देवघर जिला के कर्रों प्रखंड मुख्यालय से मनरेगा के एक जूनियर इंजीनियर को पांच हजार नगद रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। जबकि एसीबी टीम के द्वारा मनरेगा जेई संतोष प्रसाद की गिरफ्तारी उनके सरकारी आवास की गई। वह कर्रों प्रखंड के डिंडाकोली पंचायत में जूनियर इंजीनियर के पद पदस्थापित थे। वहीं इस कार्रवाई के बाद से जिले के सरकारी कार्यालय में हड़कंप मच गया है।बता दें एसीबी अधिकारियों के अनुसार कर्रों थाना क्षेत्र के लाखजोरिया गांव निवासी भीम कुमार राणा ने एसीबी से शिकायत की थी कि मनरेगा के तहत उनके निजी भूमि पर ट्रेंच बांध निर्माण योजना स्वीकृत हुई थी। वहीं इस योजना का कार्य पूरा होने और अधिकांश राशि को भुगतान मिलने के बावजूद शेष भुगतान और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के एवज में कथित रूप से रिश्वत की मांग की जा रही थी। वहीं इसकी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया जिसमें आरोपी सही पाया गया। इसके बाद टीम ने पूरी तैयारी के साथ जाल बिछाया और जूनियर इंजीनियर को उनके ही सरकारी आवास से ₹5000 रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। जबकि
गिरफ्तारी के बाद संतोष कुमार जूनियर इंजीनियर को एसीबी की टीम अपने साथ ले गई । तथा उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जबकि वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस डिजिटल युग में और भी अत्यधिक लोगों को सरकारी दफ्तरों से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक कानूनी दांव-पेंच के साथ साथ लोगों की ख़ून पसीने की कमाई भी सरकारी बाबू सही गलत बताते हुवे अपने पाकेट गर्म करने में लगे रहते हैं। आखिरकार कब तक इस भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसी जायेगीं ।
कर्रों प्रखंड के मनरेगा जेई संतोष कुमार को एसीबी की टीम ने 5 हजार रुपए रिश्वत के साथ धर दबोचा
