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उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण में अनियमितता का आरोप, बिना सोलिंग के ही कर दी गई फर्श की ढलाई

उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण में अनियमितता का आरोप, बिना सोलिंग के ही कर दी गई फर्श की ढलाई

आदिवासी एक्सप्रेस
बिरनी/गिरिडीह

बिरनी प्रखंड के मंझलाडीह पंचायत अंतर्गत निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र भवन में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए बिना सोलिंग किए ही फर्श की ढलाई कर दी गई है।ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने स्थल पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि फर्श ढलाई से पहले आवश्यक सोलिंग कार्य नहीं किया गया था। आरोप है कि मिट्टी पर केवल प्लास्टिक बिछाकर सीधे कंक्रीट की ढलाई कर दी गई, जिससे भवन की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय ग्रामीण बिनोद वर्मा ने बताया कि भवन निर्माण कार्य शुरू से ही मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी निर्माण में स्थानीय स्तर की सरिया के उपयोग का आरोप लगाया गया था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद कार्य में सुधार नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा अब तक स्थल का निरीक्षण नहीं किया गया है, जिससे संवेदक और विभागीय कर्मियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।वहीं, पंचायत के मुखिया सतेंद्र राउत ने निर्माण कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में घटिया निर्माण कार्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि बिना सोलिंग के फर्श की ढलाई की गई है तो संबंधित हिस्से को तोड़कर पुनः निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण कराया जाए।इधर, संवेदक राजेंद्र कुमार यादव ने मामले को स्वीकार करते हुए कहा कि फर्श ढलाई के दिन वह स्वयं निर्माण स्थल पर मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में मिस्त्री ने कार्य को जल्द पूरा करने के उद्देश्य से बिना सोलिंग किए ही ढलाई कर दी। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित हिस्से को तोड़कर पुनः नियमानुसार ढलाई कराने का निर्णय लिया गया है।
ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा गुणवत्ता के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, विभागीय अधिकारियों की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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