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सरकारी अहरा पर कब्जा: ग्रामीण बोले – अब करेंगे हाईकोर्ट में कंटेंप्ट याचिका

सरकारी अहरा पर कब्जा: ग्रामीण बोले – अब करेंगे हाईकोर्ट में कंटेंप्ट याचिका

देवघर:

झारखंड हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश और जिला प्रशासन की पहल के बावजूद मोहनपुर अंचल क्षेत्र के बाराकोला मौजा स्थित सरकारी अहरा भूमि अब तक अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सकी है। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक सुस्ती के कारण अतिक्रमणकारियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।

क्या है मामला

मोहनपुर अंचल के बाराकोला मौजा में 0.25 एकड़ सरकारी अहरा (दाग संख्या-166) भूमि पर अरुण मंडल, हुबलाल मंडल और सुभाष मंडल द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया है। जांच में अतिक्रमण साबित होने पर कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया।ग्रामीणों की शिकायत पर देवघर एसडीओ ने अतिक्रमण हटाने की तारीख तय की थी, पर काम नहीं हुआ। अतिक्रमणकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी निजी जमीन बताई। हाईकोर्ट ने देवघर उपायुक्त को पुनः जांच कर सरकारी भूमि अतिक्रमणमुक्त कराने का आदेश दिया। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों का कहना है कि अहरा पर कब्जे से सिंचाई और जल संरक्षण प्रभावित हो गया है, गांव में जल संकट बढ़ गया है। सवाल है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी सरकारी अहरा कब अतिक्रमण मुक्त होगावो

कहते हैं ग्रामीण

कामेश्वर मंडल ने कहा कि तालाब अतिक्रमण करके घर बनाया है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि डीसी दोबारा जांच करके अतिक्रमण मुक्त करें । लेकिन अभी तक घर नहीं टूटा है । हम जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द उसपर ठोस कदम उठाया जाए। ताकि सरकारी जमीन अतिक्रमण को हटाया जाए। यदि डीसी जल्दी एक्शन नहीं लेते हैं तो हाईकोर्ट में कंटेंप्ट का याचिका टायर करेंगे।

मणिकांत नागराज ने कहा कि हमलोग सभी ग्रामीण मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक और मंत्री से गुजारिश करते हैं कि इस अतिक्रमण को मुक्त कराया जाए। तालाब अतिक्रमण करने से पानी का समस्या हो रहा है उससे मुक्ति मिलेगा। और झारखंड सरकार के जल जंगल जमीन बचाने के मुहिम में मिल का पत्थर साबित होगा।

महावीर मोहली ने कहा कि अतिक्रमण जो किया है उसको जल हटाया जाए। नहीं तो हम लोग एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक जाएंगे।

लखन मंडल ने कहा कि आदेश आने के बाद एक वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा अतिक्रमण नहीं हटवाया गया है। जो कि ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हम सभी ग्रामीण हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और कंटेंप्ट का याचिका दायर करेंगे।

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