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सौर सिंचाई से बदल रही ग्रामीण तस्वीर : महिला किसानों को मिल रही आत्मनिर्भरता और बढ़ी आय की नई राह।

सौर सिंचाई से बदल रही ग्रामीण तस्वीर : महिला किसानों को मिल रही आत्मनिर्भरता और बढ़ी आय की नई राह।

दुमका

आदिवासी एक्सप्रेस।

झारखंड स्टेट लाईवहुड प्रमोशन सोसाइटी के माध्यम से दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड में सामुदायिक संस्थानों एवं सखी मंडल की दीदियों द्वारा राज्य संपोषित सामुदायिक प्रबंधित सूक्ष्म सिंचाई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण महिला किसानों के लिए आजीविका संवर्धन, टिकाऊ कृषि एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है।

योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संचालित पंपों के माध्यम से निचले जल स्रोतों से पानी उठाकर ऊंचाई पर स्थित खेतों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों को वर्ष भर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। प्रत्येक इकाई से न्यूनतम 10 एकड़ भूमि सिंचित होगी, जिससे खेती का दायरा और उत्पादकता दोनों बढ़ेंगे।

जरमुंडी प्रखंड के 8 पंचायतों के 16 गांवों में कुल 24 सौर ऊर्जा संचालित पंप स्थापित किए जाने हैं। इनमें से 10 इकाइयों का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है। तकनीकी टीम एवं ग्राम संगठनों के समन्वय से सभी इकाइयों का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

पूर्व में क्षेत्र की महिला किसान पूरी तरह मानसून आधारित खेती पर निर्भर थीं। वर्षा कम होने या समय पर बारिश नहीं होने की स्थिति में खेती प्रभावित होती थी और अधिकांश खेत रबी मौसम में खाली रह जाते थे। ऊपरी खेतों तक पारंपरिक तरीके से पानी पहुंचाना कठिन एवं खर्चीला था, जिससे खेती सीमित दायरे में सिमट कर रह जाती थी।

अब सौर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से महिलाएं वर्ष भर लौकी, भिंडी, मिर्च, टमाटर, आलू, प्याज सहित विभिन्न सब्जियों की खेती कर सकेंगी। इससे खेती केवल खरीफ मौसम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि किसान वर्ष में 2 से 3 फसलें लेने में सक्षम होंगे। अनुमान है कि इससे प्रत्येक परिवार की वार्षिक आय में लगभग 30 हजार से 40 हजार रुपये तक की वृद्धि होगी।

फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों के पोषण स्तर में भी सुधार आएगा। साथ ही महिलाएं अब केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग एवं विपणन गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कृषि उत्पादक समूह बनाकर अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है।

यह योजना जरमुंडी प्रखंड के लगभग 400 किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित करेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि, महिला सशक्तिकरण एवं सामुदायिक आजीविका मॉडल को नई दिशा प्रदान करेगी।

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