देवघर, 7 मई (संवाददाता) : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा अतिक्रमण मामले में देवघर उपायुक्त को जांच कर अतिक्रमण मुक्त कराने का स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद मोहनपुर अंचल क्षेत्र के बाराकोला मौजा में सरकारी अहरा भूमि पर अतिक्रमण जारी है। ग्रामीणों में गहरी निराशा व्याप्त है और अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।कोर्ट ने इस मामले पर आठ बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए देवघर उपायुक्त को त्वरित जांच कर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। उपायुक्त ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए मोहनपुर अंचलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अंचल स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि दो वर्ष से अधिक समय से यह अतिक्रमण चल रहा है, लेकिन सरकारी भूमि बचाने में अधिकारियों ने लापरवाही बरती है।
क्या है पूरा मामला?
मोहनपुर अंचल के बाराकोला मौजा, थाना संख्या 721, गैरमजरूआ खाता संख्या 40, दाग नंबर 166, रकवा 0.25 एकड़ भूमि सर्वे खतियान में “अहरी” (अहरा) के रूप में दर्ज है। अरुण मंडल, हुबलाल मंडल और सुभाष मंडल पर इस सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप है।ग्रामीणों की शिकायत पर अंचलाधिकारी ने राजस्व उप निरीक्षक, अंचल अमीन और अंचल निरीक्षक से जांच कराई। इसके बाद जीपीएलई धारा 3 एवं 6 के तहत अतिक्रमणकारियों को तीन बार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया। अतिक्रमणकारियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं करने पर अंचलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी से पुलिस बल की मांग की। देवघर एसडीओ ने 22 मार्च को अतिक्रमण हटाने की तिथि निर्धारित करते हुए अंचल निरीक्षक को दण्डाधिकारी नियुक्त किया था, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने भूमि नहीं छोड़ी।अतिक्रमणकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि वे अपनी निजी जमीन पर मकान बना रहे हैं। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने देवघर उपायुक्त को पुनः जांच कर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के बावजूद मामला अंचल कार्यालय में लंबित पड़ा हुआ है।ग्रामीणों ने पूछा है कि कब तक यह अहरा अतिक्रमण मुक्त होगा और वे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग कर पाएंगे। उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
