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गोहपारू क्षेत्र मे रफ़्तार का कहरः अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई बोलेरो, डायल 112 के जवानों आरक्षक दीपक साहू एवं पायलट सचिन पटेल ने देवदूत बनकर बचाई युवक की जान

गोहपारू क्षेत्र मे रफ़्तार का कहरः अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई बोलेरो, डायल 112 के जवानों आरक्षक दीपक साहू एवं पायलट सचिन पटेल ने देवदूत बनकर बचाई युवक की जान

शहडोल से राजेश कुमार यादव

खन्नौथी से खन्ना पहुंच मार्ग पर आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सीधे सड़क किनारे एक विशालकाय पेड़ से जा भिड़ी। इस जबरदस्त टक्कर में वाहन के परखच्चे उड़ गए और चालक गंभीर रूप से घायल होकर मौत और जिंदगी के बीच जूझने लगा। लेकिन समय रहते पहुँचे खाकी के जवानों ने अपनी तत्परता से एक अनहोनी को टाल दिया।

भीषण टक्कर से दहल गया इलाका

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोलेरो की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन सीधे पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज दूर तक सुनी गई। हादसे के बाद चालक प्रिंस सिंह (उम्र 25 वर्ष), पिता दान सिंह, लहूलुहान अवस्था में गाड़ी के मलबे में फंस गया था। राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस सहायता नंबर 112 पर दी।

संजीवनी बनी ‘डायल 112’: आरक्षक और पायलट ने पेश की मानवता की मिसाल

सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम बिजली की गति से मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर मौजूद आरक्षक दीपक साहू और पायलट सचिन पटेल ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला।

साहस और सूझबूझः गाड़ी का हिस्सा दब जाने के कारण घायल प्रिंस बुरी तरह फंसा हुआ था। दीपक साहू और सचिन पटेल ने बड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला।

गोल्डन ऑवर का सही उपयोगः सड़क हादसों में शुरुआती समय (गोल्डन ऑवर) बहुत कीमती होता है। आरक्षक दीपक और पायलट सचिन ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय खुद की तत्परता दिखाई और घायल को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य गोहपारू केंद्र पहुंचाया।

अस्पताल में उपचार जारी

घायल प्रिंस सिंह को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि अस्पताल लाने में थोड़ी भी देरी होती, तो युवक की जान को बड़ा खतरा हो सकता था।

क्षेत्र में हो रही पुलिस की सराहना

इस नेक कार्य के लिए स्थानीय ग्रामीणों और घायल के परिजनों ने आरक्षक दीपक साहू और पायलट सचिन पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस के इन जवानों ने न केवल अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि संकट के समय पुलिस ही आम जनता की सबसे बड़ी मददगार है।

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