पेंट और चेतावनी संकेत के अभाव में रोज हो रहे हादसे
-सफेद-पीले पेंट और चेतावनी बोर्ड लगें, तभी थमेंगी दुर्घटनाएं: स्थानीय ग्रामीण
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाए गए स्पीड ब्रेकर अब खुद हादसों की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। हंटरगंज प्रखंड के तुलसीपुर से सोहाद तक मुख्य सड़क पर बने कई स्पीड ब्रेकर बिना पेंट और चेतावनी संकेत के होने के कारण वाहन चालकों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। खासकर रात के समय या तेज गति से आने वाले दोपहिया वाहन चालक इन्हें समय पर नहीं देख पाते, जिससे आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बाइक सवारों को होती है। अचानक सामने आए स्पीड ब्रेकर के कारण चालक संतुलन खो बैठते हैं और वाहन अनियंत्रित होकर गिर जाता है। कई मामलों में पीछे बैठी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन स्पीड ब्रेकरों पर सफेद या पीले रंग की पेंटिंग और चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता था।
मानकों की अनदेखी बनी चिंता का विषय
सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों के अनुसार किसी भी स्पीड ब्रेकर से पहले निर्धारित दूरी पर चेतावनी बोर्ड लगाया जाना चाहिए, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क हो सकें। साथ ही स्पीड ब्रेकर पर सफेद या पीले रंग की थर्मोप्लास्टिक मार्किंग भी आवश्यक मानी जाती है, जिससे वह दिन और रात दोनों समय स्पष्ट दिखाई दे। लेकिन तुलसीपुर से सोहाद तक कई स्थानों पर बने स्पीड ब्रेकर इन आवश्यक सुरक्षा मानकों से वंचित हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
रात के अंधेरे में बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने तथा स्पीड ब्रेकर पर पेंट नहीं होने के कारण वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर हो जाते हैं। इससे कई बार पीछे से आ रहे वाहन भी टकरा जाते हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे स्पीड ब्रेकर सुरक्षा देने के बजाय खतरे का कारण बनते जा रहे।
ग्रामीणों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सभी स्पीड ब्रेकरों पर शीघ्र सफेद या पीले रंग की पेंटिंग कराई जाए, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग की जाए तथा निर्धारित दूरी पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े इन छोटे-छोटे सुधारों से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और लोगों की जान बचाई जा सकती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा के लिए बनाए गए स्पीड ब्रेकर तभी अपने उद्देश्य को पूरा करेंगे, जब उनका निर्माण और रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। अन्यथा ये स्पीड ब्रेकर लोगों की सुरक्षा के बजाय उनकी जान के लिए खतरा बने रहेंगे।
