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बरसात में गौवंशों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी

बरसात में गौवंशों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी

गौशालाओं में जलभराव न होने, पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने और सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को तत्काल संरक्षित करने के निर्देश
ब्यूरो चीफ महेन्द्र कुमार गौतम जालौन
जालौन।
बरसात के मौसम में गौवंशों की सुरक्षा एवं गौशालाओं में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार से वर्चुअल माध्यम द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गौशाला नोडल अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौवंशों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान गौशालाओं में कीचड़ और जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समय रहते जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में रह रहे गोवंशों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी गौशालाओं में चना, चोकर, खली, हरा चारा तथा स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पशु चिकित्सकों को नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण कर गोवंशों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में कई पशुपालक अपने गोवंशों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे निराश्रित गोवंशों को तत्काल चिन्हित कर कैटल कैचर के माध्यम से नजदीकी गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया जाए। इसके अलावा जिन पशुपालकों द्वारा जानबूझकर अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ा जाता है, उनके विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के झोलूपुर, कैथेरी, छिरिया, एट, बोहदपुरा और राहिया सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर विशेष सचल दल गठित किए गए हैं, जो कैटल कैचर के साथ लगातार भ्रमण कर निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को इन टीमों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन गौशालाओं का अन्य गौशालाओं में विलय हो चुका है और जो वर्तमान में खाली पड़ी हैं, वहां व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और खाली परिसरों का जनहित में बेहतर उपयोग हो सकेगा।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि गौवंश संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाते रहें, ताकि बरसात के मौसम में किसी भी गौवंश को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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