-नगर पंचायत कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी मिले नदारद, दबंग ठेकेदारों का बोलबाला
महेन्द्र कुमार गौतम
माधौगढ़ (जालौन)। नगर पंचायत माधौगढ़ में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य पर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में नाला निर्माण अधूरा पड़ा है, जिससे बरसात के मौसम में जल निकासी की समस्या गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगरवासियों के अनुसार नाला निर्माण का उद्देश्य बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाना था, लेकिन कार्य अधूरा होने के कारण स्थिति और अधिक चिंताजनक बन गई है। जगह-जगह खुदे हुए नालों से राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर मिट्टी और मलबा पड़ा होने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
बुंदेलखंड इंटर कॉलेज के सामने अधूरा पड़ा नाला
नगर के प्रमुख मार्ग पर स्थित बुंदेलखंड इंटर कॉलेज के सामने नाला निर्माण आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है, जिससे बरसात में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। वहीं तहसील परिसर के पास भी नाला निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है और पुलिया का निर्माण अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जल निकासी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
कई स्थानों पर नालों में गंदा पानी जमा है और जलकुंभी व कूड़ा-करकट भरा हुआ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो बरसात के दौरान नगर के कई मोहल्लों में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले सकती है।
नगर पंचायत कार्यालय में नहीं मिले जिम्मेदार अधिकारी
मामले का पक्ष जानने के लिए जब संवाददाता नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे तो वहां अधिशासी अधिकारी, बाबू सहित अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं मिले। कार्यालय में कोई सक्षम अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य की प्रगति, देरी के कारण और गुणवत्ता से जुड़े सवालों का जवाब नहीं मिल सका। इससे नगरवासियों में और अधिक नाराजगी देखने को मिली।
दबंग ठेकेदारों का बोलबाला होने का आरोप,स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत में ठेकेदारों का प्रभाव इतना अधिक है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने के बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना होने के बावजूद गुणवत्ता और समयसीमा की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
जांच और कार्रवाई की मांग,नगरवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराने तथा अधूरे पड़े नाला निर्माण और पुलिया के कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात में नगरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

