Skip to main content

Birsa Times

झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा के लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया तेज, कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा के लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया तेज, कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

रांची। झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एंबुलेंस कर्मियों ने सरकार पर समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान एजेंसी को हटाने का निर्णय लिया जा चुका है और नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कर्मचारियों का कहना है कि राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात कई एंबुलेंस सड़क पर चलने लायक नहीं हैं। लंबे समय से व्यवस्था सुधारने की मांग के बावजूद केवल आश्वासन मिलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। कर्मचारियों ने सेवा में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। साथ ही, जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता, उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।

एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा ने बताया कि जब तक नई एजेंसी कार्यभार नहीं संभालती, तब तक मौजूदा एजेंसी से ही सेवा जारी रहेगी। वेतन और बकाए पर उन्होंने कहा कि राशि काम के दिनों के आधार पर तय होती है, और अब सभी पात्र कर्मचारियों के ईपीएफ खाते खोल दिए गए हैं। राज्य स्तर पर संचालित सेंट्रल कमांड रूम से जीपीएस के जरिए एंबुलेंस की लोकेशन और संचालन की मॉनिटरिंग की जा रही है। आपात स्थिति में सिविल सर्जन कार्यालयों की एंबुलेंस को भी जोड़ा गया है। विभाग भविष्य में ओला-उबर जैसी तकनीक आधारित व्यवस्था लाने पर भी विचार कर रहा है ताकि मरीजों को तुरंत नजदीकी एंबुलेंस मिल सके। एमडी ने वाहनों के रखरखाव और साफ-सफाई में कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी बताई है।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *