सामान्य पेट्रोल-डीजल की दरों में बदलाव नहीं
नयी कीमतें 20 मार्च से लागू
नयी दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है। औद्योगिक उपयोग वाले थोक डीजल की दरें भी करीब 22 रुपये प्रति लीटर बढ़ायी गयी है। तेल विपणन कंपनियों ने कीमतों में यह इजाफा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के बाद किया है। नयी कीमतें 20 मार्च से लागू कर दी गयी हैं। सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। कंपनियों ने कीमत बढ़ाने का फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों के बढ़ने के बाद किया है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गुरुवार, 19 मार्च 2026 को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गयी थीं, लेकिन बाद में ये लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर वापस आ गयीं।

क्या कहा केंद्र सरकार ने
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि प्रीमियम श्रेणी कुल पेट्रोल बिक्री का केवल दो से चार फीसदी है। सरकार आम आदमी पर कोई मूल्य वृद्धि का बोझ नहीं डालना चाहती है। तेल कंपनियां स्वतंत्र रूप से मूल्य निर्धारण का निर्णय लेती हैं। सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को विनियमित नहीं करती है। पेट्रोल और डीजल का मूल्य निर्धारण क्रमश: 2010 और 2014 में विनियमित किया गया था। तब से तेल विपणन कंपनियां कीमतें तय करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वैश्विक तेल बाजारों की बारीकी से निगरानी कर रही है। फिलहाल खुदरा ईंधन कीमतें बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है।
डीलरों के माध्यम से प्राप्त जानकारी में कहा गया है कि इस ताजा मूल्य वृद्धि का सीधा असर प्रमुख तेल कंपनियों के ब्रांडेड ईंधनों पर देखने को मिलेगा। इनमें एचपीसीएल का पावर पेट्रोल और आइओसीएल का एक्सपी 95 शामिल हैं, जिनकी खुदरा कीमतों में तत्काल प्रभाव से संशोधन किया गया है। प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग मुख्य रूप से वाहनों में बेहतर इंजन परफॉरमेंस और अधिक माइलेज प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाता है।
