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लोकसभा में तेल-गैस संकट पर चर्चा, विपक्ष का हंगामा

लोकसभा में तेल-गैस संकट पर चर्चा, विपक्ष का हंगामा

-देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी नहीं: हरदीप पुरी
-भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक
नयी दिल्ली।
देश में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर लोकसभा में गुरुवार को चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिये गये चर्चा के नोटिस पर स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा की अनुमति दी। विपक्ष के हंगामे के बीच चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत नहीं है। हमारे पास इसका पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय अफवाह फैलाने या झूठे नैरेटिव बनाने का नहीं है। देश एक बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा,यह अफवाह फैलाने या फेक नैरेटिव बनाने का समय नहीं है। भारत दर्ज इतिहास के सबसे गंभीर वैश्विक ऊर्जा व्यवधान से गुजर रहा है। ईंधन की सप्लाई जारी है, गैस को घरों और खेती के लिए प्राथमिकता दी जा रही है और एलपीजी उत्पादन में 28% की बढ़ोत्तरी की गयी है। भारत को ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे लोगों, संकट का प्रबंधन कर रही संस्थाओं और राष्ट्रीय हितों के साथ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। पुरी ने कहा कि सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन बढ़ाया है। पिछले पांच दिनों में रिफाइनरियों को दिये गये निर्देशों के बाद एलपीजी उत्पादन में 28% की बढ़ोत्तरी की गयी है। अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों खासकर गरीब और वंचित वर्ग की रसोई में किसी तरह की कमी न हो। घरेलू आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

-देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी नहीं: हरदीप पुरी
-भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक
नयी दिल्ली।
देश में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर लोकसभा में गुरुवार को चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिये गये चर्चा के नोटिस पर स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा की अनुमति दी। विपक्ष के हंगामे के बीच चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत नहीं है। हमारे पास इसका पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय अफवाह फैलाने या झूठे नैरेटिव बनाने का नहीं है। देश एक बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा,यह अफवाह फैलाने या फेक नैरेटिव बनाने का समय नहीं है। भारत दर्ज इतिहास के सबसे गंभीर वैश्विक ऊर्जा व्यवधान से गुजर रहा है। ईंधन की सप्लाई जारी है, गैस को घरों और खेती के लिए प्राथमिकता दी जा रही है और एलपीजी उत्पादन में 28% की बढ़ोत्तरी की गयी है। भारत को ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे लोगों, संकट का प्रबंधन कर रही संस्थाओं और राष्ट्रीय हितों के साथ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। पुरी ने कहा कि सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन बढ़ाया है। पिछले पांच दिनों में रिफाइनरियों को दिये गये निर्देशों के बाद एलपीजी उत्पादन में 28% की बढ़ोत्तरी की गयी है। अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों खासकर गरीब और वंचित वर्ग की रसोई में किसी तरह की कमी न हो। घरेलू आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

पुरी ने आगे बताया कि हॉर्मुज क्षेत्र के बाहर से कच्चे तेल की सोर्सिंग लगभग 70% तक बढ़ गयी है, जबकि संघर्ष शुरू होने से पहले यह करीब 55% थी। भारत अब 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जबकि 2006-07 में यह संख्या 27 थी। उन्होंने कहा कि सालों से अपनाई गई विविधीकरण की नीति ने भारत को ऐसे विकल्प दिये हैं, जो कई अन्य देशों के पास नहीं हैं। देशभर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल, केरोसिन और ईंधन तेल की आपूर्ति शृंखला सामान्य रूप से काम कर रही है।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा, अभी तो दर्द की शुरूआत हुई है। रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर घबराहट है और सड़क किनारे के विक्रेता प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। मैं समझने की कोशिश कर रहा हूं कि यह पहेली क्या है और यह समझौते से जुड़ी लगती है। तेल मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर बिरला ने राहुल को टोका, जिस विषय पर नोटिस दिया है, उस पर बोलिये। इस पर बोलना है, तो नोटिस दीजिये। इतना कहते ही विपक्ष के सांसद हंगामा करने लगे। बिरला ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से बोलने को कहा। पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, ‘एपस्टीन-एपस्टीन’ के नारे लगे। राहुल गांधी ने सरकार से एलपीजी की कमी से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया, इसलिए बड़ी समस्या आने वाली है। राहुल गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन वह खुद घबराए हुए लग रहे हैं, बिल्कुल अलग वजहों से। वे एप्स्टीन अदाणी केस की वजह से पैनिक हैं। आपने कल देखा कि सदन के अंदर प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली थी। वह देश से कह रहे हैं कि घबरायें नहीं, जबकि वह खुद परेशान लग रहे हैं।

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