-मानकी-मुंडा छात्रवृत्ति योजना का लाभ छात्राओं को भी
-राज्य के मंत्री, मुख्यमंत्री, विधायकों और पूर्व विधायकों को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की तरह चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव मंजूर
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 40 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी। कैबिनेट ने मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन करते हुए तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को लाभ देने को मंजूरी दी है। पहले इस योजना का लाभ केवल झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय की छात्राओं को ही मिलता था। कैबिनेट ने जनगणना के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मी नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। कैबिनेट ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षकों को प्रभावित पुनरीक्षित वेतनमान के 20% विशेष वेतन के अतिरिक्त भुगतान को स्वीकृति दी। विधायक और पूर्व विधायकों को भारतीय प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा में कार्यरत अधिकारियों की तरह उनके और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गयी। एक अन्य प्रस्ताव में कैबिनेट ने रांची के वीमेंस कॉलेज में साइंस ब्लॉक में अनूसुचित छात्राओं के लिए 528 बेड वाले छात्रावास के निर्माण योजना का स्थल परिवर्तन कर इसे मोरहाबादी स्थित कल्याण कांप्लेक्स के सामने स्थित परिसर में निर्माण कराने का फैसला किया।

कैबिनेट के अन्य फैसले
इंस्टीट्यूट आॅफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च की स्थापना के लिए 22 करोड़ तीन लाख 31 हजार की स्वीकृत और इसके विरुद्ध भारत सरकार द्वारा 17 करोड़ का अनुदान को मंजूरी दी।
कौशिक मिश्रा जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश संप्रति निलंबित मुख्यालय रांची की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गयी।
विमला देवी पति राम बिहारी तिवारी सेवानिवृत्ति लेखा लिपिक किस्मत पर कार्यरत थे, उनको दैनिक वेतन भोगी रूप में कार्यरत को जोड़कर पेंशन भुगतान का निर्णय लिया गया।
राज्य सरकार के विभिन्न विभाग निदेशालय, बोर्ड-निगम, सोसाइटी, निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले इकरारनामा में आपूर्ति आदेश स्टैंडर्ड वेडिंग डॉक्यूमेंट गारंटी के रूप में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी प्राप्त करने तथा डिस्प्यूट रेजोल्यूशन संशोधन को मंजूरी।
पलामू जिले के डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम अब मेदिनीनगर होगा। केंद्र सरकार से सहमति मिलने के बाद राज सरकार ने नाम परिवर्तन संबंधित प्रस्ताव पर आज स्वीकृति दे दी।
राज्य कर्मियों की सेवा और सेवा निवृत्ति संबंधी विवादों के समाधान के लिए नियमावली का गठन किया गया है। इसमें किसी भी विवाद या समस्या के समाधान के लिए समय सीमा और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गयी है। निचले स्तर पर किये गये समाधान से संतुष्ट न होने पर अपीलीय प्राधिकारी का भी गठन किया गया है। इस पर अधिकार में संबंधित कर्मी अपनी बात रख सकेंगे।
