आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
इटखोरी (चतरा) : इटखोरी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पकरिया गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल वालों पर आरोप है कि उन्होंने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से, मायके वालों और पुलिस को बिना बताए आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरिडीह जिले के डुमरी निवासी मृतका के भाई नितेश कुमार साहू के अनुसार, उनकी बहन चांदनी देवी की शादी 12 वर्ष पूर्व पकरिया गांव के त्रिवेणी साव के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। भाई का आरोप है कि शादी के 5 साल बाद से ही पति त्रिवेणी का किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था। जब चांदनी इसका विरोध करती, तो उसका पति शराब के नशे में उसके साथ बेरहमी से मारपीट करता था। इस प्रताड़ना में ससुर महावीर साव, सास कैलती देवी और ननद प्रतिमा देवी भी शामिल थे, जो आए दिन उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। बीती रात ससुराल वालों ने मृतका के भाई को फोन कर मनगढ़ंत कहानी बताई कि पेट दर्द के कारण चांदनी की मौत हो गई है। मौत की खबर सुनकर जब तक मायके वाले दोपहर में पकरिया गांव पहुंचते, ससुराल वालों ने गुपचुप तरीके से शव को जला दिया। यहां तक कि ससुराल पक्ष ने पुलिस को भी इस घटना की भनक नहीं लगने दी। पूरे मामले पर इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि सुबह 9 बजे मायके वालों की सूचना पर जब पुलिस श्मशान घाट पहुंची, तब तक शव पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। मृतका के भाई की लिखित शिकायत पर पति त्रिवेणी साव, सास-ससुर और अन्य रिश्तेदारों समेत कुल 16 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। इटखोरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश में सघन छापेमारी कर रही है।
इटखोरी में विवाहिता की निर्मम हत्या, साक्ष्य मिटाने के लिए रातों-रात किया अंतिम संस्कार, 3 आरोपी गिरफ्तार
