सोना खरीदना बड़ी रकम का निवेश होता है, इसलिए गहना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है। केवल गहने की चमक देखकर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि उसमें कितना शुद्ध सोना इस्तेमाल हुआ है। हालांकि, हॉलमार्क वाले आभूषणों की जानकारी अब मोबाइल के जरिए भी जांची जा सकती है।
भारत में सोने और चांदी की शुद्धता के लिए हॉलमार्किंग व्यवस्था लागू है, जिसकी निगरानी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) करता है। हॉलमार्क वाले सोने के गहने पर BIS का निशान, फाइननेस नंबर और 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID नंबर होता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- BIS का निशान देखें: गहने पर BIS का हॉलमार्क मौजूद होना चाहिए।
- HUID नंबर जरूर जांचें: यह 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिससे आभूषण की हॉलमार्किंग संबंधी जानकारी देखी जा सकती है।
- BIS Care ऐप का इस्तेमाल करें: मोबाइल में BIS Care ऐप खोलकर ‘Verify HUID’ विकल्प चुनें और गहने पर दिया गया HUID दर्ज करें।
- गहने की जानकारी मिलाएं: उपलब्ध रिकॉर्ड में ज्वेलर, हॉलमार्किंग सेंटर, आभूषण का प्रकार और हॉलमार्किंग से जुड़ी जानकारी दिखाई जा सकती है।
- कैरेट और फाइननेस देखें: 14K सोने का फाइननेस 585, 18K का 750, 20K का 833, 22K का 916, 23K का 958 और 24K का 995 बताया गया है।
- चांदी की भी जांच संभव: हॉलमार्क वाली चांदी के गहनों की जानकारी भी BIS Care ऐप से जांची जा सकती है। इसके लिए 800, 835, 925, 958, 970, 990 और 999 जैसे फाइननेस ग्रेड मौजूद हैं।
- पक्का बिल जरूर लें: खरीदारी के बाद दुकानदार से बिल लें और उसे संभालकर रखें।
मोबाइल से जांच क्यों है जरूरी?
गहने की कीमत हजारों से लेकर लाखों रुपये तक हो सकती है। ऐसे में खरीदारी के समय BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच करने से ग्राहक गहने पर दी गई जानकारी को उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलाकर देख सकता है। इससे गलत शुद्धता वाले आभूषण खरीदने का जोखिम कम किया जा सकता है।
इसलिए अगली बार सोना या चांदी खरीदते समय सिर्फ डिजाइन, वजन और कीमत पर ध्यान न दें। BIS हॉलमार्क, फाइननेस नंबर और HUID की जांच करना भी उतना ही जरूरी है।
