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बरहरवा में ब्राउन शुगर के कथित काले कारोबार का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

बरहरवा में ब्राउन शुगर के कथित काले कारोबार का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

-मुगलपाड़ा-महाराजपुर में पुलिस की बड़ी स्ट्राइक, 608 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ, 5.93 लाख नकद, रसायन और मशीनें जब्त
-पूछताछ में कलियाचक के इस्माइल शेख का नाम आने से बढ़ी हलचल, जमीन खरीदकर मकान बनवाने की भी चर्चा; कारोबारियों ने झारखंड, बंगाल और बिहार तक फैला रखा था अपना नेटवर्क
-आदिवासी एक्सप्रेस
जिला ब्यूरो अजय कुमार कुशवाहा, प्रिंस मिश्रा

साहिबगंज जिले के बरहरवा में मादक पदार्थों के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे ठिकाने का खुलासा किया है, जहां ब्राउन शुगर तैयार करने और उसकी खरीद-बिक्री से जुड़ी गतिविधियां संचालित किए जाने का आरोप है। 12 अक्टूबर को मुगलपाड़ा-महाराजपुर स्थित एक मकान में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से 608 ग्राम ब्राउन शुगर/प्रतिबंधित पदार्थ, 5 लाख 93 हजार 909 रुपये नकद, 15.877 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मशीनें, मोबाइल फोन और वाहन बरामद किए गए।

कार्रवाई के दौरान मिली सामग्री ने पुलिस जांच को एक नया मोड़ दिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कलियाचक निवासी इस्माइल शेख का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि गिरफ्तार व्यक्ति उसके इशारे पर यह अवैध काम कर रहे थे। यह भी बताया जा रहा है कि मुगलपाड़ा-महाराजपुर स्थित मकान इस्माइल शेख ने जमीन खरीदकर बनवाया था। हालांकि, इस्माइल शेख की कथित भूमिका और मकान से उसके संबंधों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

गुप्त सूचना से खुला कथित अवैध कारोबार का ठिकाना
पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर को साहिबगंज के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि बरहरवा थाना क्षेत्र के मुगलपाड़ा-महाराजपुर स्थित एक मकान में मालदा के कलियाचक निवासी कुछ लोग अपने सहयोगियों के साथ रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल कर ब्राउन शुगर से संबंधित अवैध कारोबार कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।

इसके बाद बरहरवा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नितिन खंडेलवाल और राजमहल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विमलेश कुमार त्रिपाठी के संयुक्त नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया। टीम ने निर्धारित ठिकाने की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।

पुलिस के मुताबिक, मकान के भीतर पांच व्यक्ति मौजूद थे। पुलिस को देखकर उन्होंने पिछले दरवाजे से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी को पकड़ लिया। इसके बाद मकान की तलाशी ली गई, जिसमें प्रतिबंधित पदार्थ, रासायनिक सामग्री, मशीनें, नकदी और अन्य सामान बरामद हुए।

पांचों आरोपी मालदा के कलियाचक निवासी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हनीफुल शेख, अख्तर आलम, शहजान शेख, साहनवाज आलम और अमिरुल शेख के रूप में की है। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, सभी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कलियाचक थाना क्षेत्र के निवासी हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपियों से मकान में मौजूद रासायनिक पदार्थों, उपकरणों और नकदी के संबंध में जानकारी ली गई। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्रियों के बारे में पूछे गए सवालों पर आरोपियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने सभी सामानों की सूची तैयार कर उन्हें जब्त कर लिया।

इस्माइल शेख का नाम सामने आने से जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान मालदा के कलियाचक निवासी इस्माइल शेख का नाम सामने आना है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर उसके इशारे पर अवैध कारोबार किए जाने की बात कही है। साथ ही, संबंधित मकान के लिए जमीन खरीदने और उसके निर्माण में भी इस्माइल शेख का नाम लिया जा रहा है।

यदि जांच में इन दावों की पुष्टि होती है, तो मामले में केवल मौके से पकड़े गए लोगों तक सीमित रहने के बजाय कथित कारोबार के संचालन, वित्तीय लेन-देन, रासायनिक पदार्थों की आपूर्ति और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल, पुलिस के सामने कई सवाल हैं। प्रतिबंधित पदार्थ कहां से लाया जाता था? रासायनिक सामग्री और मशीनों की व्यवस्था कौन करता था? तैयार पदार्थ की कथित आपूर्ति किन क्षेत्रों में होती थी? क्या इस नेटवर्क का विस्तार झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और बिहार तक था? मकान का इस्तेमाल कब से और किन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था? इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

नकदी, रसायन और मशीनें बरामद; कई अहम सुराग मिलने की संभावना
पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, छापेमारी में निम्नलिखित सामान बरामद किए गए हैं—

  • 608 ग्राम ब्राउन शुगर/प्रतिबंधित पदार्थ
  • 5 लाख 93 हजार 909 रुपये नकद
  • दो मोबाइल फोन
  • 15.877 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ
  • 500 मिलीलीटर की 13 बोतल एसीटल क्लोराइड
  • तीन इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन
  • एक जनरेटर
  • एक सीलिंग मशीन
  • एक एक्सट्रैक्शन मशीन
  • 1.4 किलोग्राम पैकेजिंग सामग्री
  • दो मोटरसाइकिल
  • हुंडई कंपनी की एक वेन्यू कार

बरामदगी में रासायनिक पदार्थों, वजन करने वाली मशीनों, सीलिंग मशीन और पैकेजिंग सामग्री की मौजूदगी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इन सामग्रियों के वास्तविक उपयोग और प्रतिबंधित पदार्थ की अंतिम पहचान की पुष्टि संबंधित जांच एवं प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर की जानी होगी।

एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज
इस मामले में बरहरवा थाना कांड संख्या 259/26, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)(b) और 111(3) तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(c), 25, 27A और 29 का उल्लेख किया गया है।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। कथित कारोबार में अन्य लोगों की संलिप्तता, प्रतिबंधित पदार्थ के स्रोत, आर्थिक लेन-देन और संभावित आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

संयुक्त पुलिस टीम ने की कार्रवाई
छापेमारी दल में बरहरवा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नितिन खंडेलवाल, राजमहल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विमलेश कुमार त्रिपाठी, राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिर्ज, बरहरवा थाना के सुदामा सिंह, राधानगर थाना के संग्राम सिंह सॉय, बरहरवा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय के हवलदार दिनेश हेम्ब्रम, राजमहल के आरक्षी राजीव कुमार एवं दीपक कुमार, राधानगर थाना के हवलदार शशि भूषण सिंह तथा बरहरवा थाना के आरक्षी अरविंद रविदास शामिल थे।

बरहरवा में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर पुलिस की अगली जांच पर है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में सामग्री की बरामदगी के बाद यह पता लगाना अहम होगा कि कथित अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। कारोबारियों द्वारा झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार तक नेटवर्क फैलाए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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