आदिवासी एक्सप्रेस
प्रिंस मिश्रा
पतना, संवाददाता
साहिबगंज जिले के रांगा थाना क्षेत्र अंतर्गत केंदुआ आमगाछी गांव में संचालित अवैध मिनी गन फैक्ट्री पर बुधवार को पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर पूरे परिसर को ध्वस्त कर दिया। बीते 8 मई को इसी स्थान पर पुलिस ने छापेमारी कर 18 अर्धनिर्मित हथियार, हथियार बनाने में प्रयुक्त मशीनें एवं अन्य उपकरण बरामद किए थे। अब प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से फैक्ट्री संचालित किए जा रहे मकान को पूरी तरह जमींदोज कर दिया, ताकि भविष्य में वहां दोबारा किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि संचालित न हो सके।
लंबे समय से संचालित हो रही थी फैक्ट्री
पुलिस अधिकारियों के अनुसार केंदुआ आमगाछी में अवैध हथियार निर्माण का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। यहां निर्मित हथियारों की सप्लाई बिहार और पश्चिम बंगाल तक किए जाने की सूचना मिली थी। मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर साहिबगंज पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की थी। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार, हथियार बनाने के उपकरण और मशीनें बरामद की गई थीं।
बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों एवं भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध फैक्ट्री वाले मकान, बाउंड्री वॉल तथा उससे जुड़े ढांचे को जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया। पूरे अभियान के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।
कार्रवाई देखने उमड़ी लोगों की भीड़
प्रशासन की इस कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इलाके में अवैध हथियारों के कारोबार के कारण भय और असुरक्षा का माहौल बना रहता था। फैक्ट्री ध्वस्त होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि जिले में अपराध और अवैध हथियारों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुंगेर का युवक हुआ था गिरफ्तार
मामले में साहिबगंज पुलिस और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान बिहार के मुंगेर जिला अंतर्गत काशी बाजार थाना क्षेत्र के जमालपुर रोड कौरामैदान निवासी परवेज इस्लाम, पिता आशिक अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जांच में यह जानकारी सामने आई थी कि वर्ष 2016 में उसने अपनी भतीजी की शादी केंदुआ आमगाछी गांव में की थी। उसी दौरान उसने गांव के एक पहाड़िया समुदाय के व्यक्ति से करीब चार कट्ठा जमीन एक लाख रुपये में खरीदी थी, जहां बाद में अवैध हथियार निर्माण का कारोबार संचालित किया जाने लगा।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तथा इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।
