जानकारी के अनुसार, 27 मई को शहर स्थित ओला शोरूम के समीप लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास से दोनों मासूम बच्चों के लापता होने की सूचना मिली थी। परिजनों की शिकायत पर कटकमदाग थाना में प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच टीम गठित की गई। बच्चों की तलाश में पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच और विभिन्न स्थानों पर व्यापक छानबीन अभियान चलाया।
तलाश के दौरान 31 मई को सिंदूर श्मशान घाट के समीप 11 वर्षीय बालिका का शव बरामद हुआ। अगले दिन उसके तीन वर्षीय भाई का शव भी बरामद कर लिया गया। दो मासूम बच्चों के शव मिलने से पूरे जिले में शोक और आक्रोश का माहौल उत्पन्न हो गया।
जांच के क्रम में पुलिस को महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज हाथ लगे, जिनमें एक व्यक्ति दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी पर ले जाता दिखाई दिया। तकनीकी साक्ष्यों और पहचान के आधार पर पुलिस ने संजीत कुमार पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब दो माह से बालिका को ओला शोरूम के आसपास देखता था और धीरे-धीरे उससे परिचित हो गया था। वह कभी-कभी उसे खाने-पीने के लिए पैसे भी देता था, जिससे बच्ची का उस पर विश्वास बढ़ गया था।
पुलिस के अनुसार, 27 मई को आरोपी ने दोनों बच्चों को घूमाने और नया मोबाइल फोन दिलाने का प्रलोभन देकर अपनी स्कूटी पर बैठाया और सिंदूर स्थित श्मशान घाट की ओर ले गया। सुनसान स्थान पर पहुंचकर उसने बालिका के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बालिका द्वारा विरोध किए जाने और शोर मचाने पर आरोपी ने उसकी हत्या कर दी तथा शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
इसके बाद घटना उजागर होने के भय से आरोपी ने बालिका के तीन वर्षीय भाई की भी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्चे के शव को प्लास्टिक में लपेटकर समीप स्थित कुएं में फेंक दिया था, ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।
पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और सतत अनुसंधान के आधार पर मामले का सफलतापूर्वक उद्भेदन किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भरोसे की डोर बनी मौत का फंदा: दो मासूम भाई-बहन की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तारदिव्यदिनकर कुबेर सिंहजिला ब्यूरोहजारीबाग। कटकमदाग थाना क्षेत्र से लापता हुए 11 वर्षीय बालिका और उसके तीन वर्षीय भाई की हत्या के सनसनीखेज मामले का हजारीबाग पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना में पुलिस ने कोर्रा थाना क्षेत्र निवासी संजीत कुमार पासवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
