आंध्र प्रदेश में संदिग्ध परिस्थित में झील में तैरते शव को पुलिस ने किया बरामद
गांव में शोक की लहर, श्रम विभाग से मुआवजे की गुहार
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र के दंतार का एक प्रवासी मजदूर पलायन की भेंट चढ़ गया है। मिली जानकारी के अनुसार दंतार निवासी बृजमोहन ठाकुर के 27 वर्षीय पुत्र निरंजन कुमार 19 मई 2026 को घर से ठेकेदार और 12 मजदूर साथियों के साथ आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम अन्नवरम मजदूरी करने के लिए निकला था। ठेकेदार के द्वारा मजदूरों को ग्लूकोच फैक्ट्री में काम करने की बात कहकर घर से आंध्रप्रदेश के लिए ले जाया गया था। लेकिन वहां जाने के बाद मजदूरों से फैक्ट्री में कैमिकल (मुर्गी का दाना) बनाने का काम जबरदस्ती करवाया जा रहा था। जिसका विरोध करते हुए निरंजन अपने साथियों से फैक्ट्री में काम ना करने और घर जाने की बात कहकर फैक्ट्री से निकला। लेकिन दो दिन के बाद भी युवक घर नहीं पहुंचा। परिजनों को अनहोनी होने की चिंता सता रही थी। इस दौरान आंधप्रदेश के विशाखापट्टनम में झील से थोड़ांगी थाना पुलिस रविवार को युवक का संदिग्ध परिस्थित में शव बरामद किया। जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला सरकारी एरिया हॉस्पिटल टूनी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा।जिसकी सूचना मृतक के सहकर्मियो ने मृतक के परिजनों को दी।निरंजन के मौत की सूचना पर उनके माता पिता, पत्नी और तीन छोटे छोटे बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे। साथ ही उनका आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण शव को दंतार लाना भी उनके लिए चुनौती हो गया था। हालांकि ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शव को लाने के लिए एंबुलेंस किया है।गांव में मातम पसरा हुआ है।निरंजन के तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके पालन -पोषण की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। अपने पिता की बेसमय मौत से बच्चे सदमें में हैं । बता दे की निरंजन घर में मात्र एक ही कमाऊ सदस्य थे। इधर ग्रामीणों ने परिजनों को तत्काल राज्य सरकार श्रम विभाग से मुआवजा की मांग की है।रोजी-रोटी की तलाश में छोटे गांवो से महानगरों के लिए पलायन सामान्य बात है। जहां कुछ लोग अपने मेहनत मजदूरी के बल पर अपने घर पैसा भेजने में कामयाब होते हैं। वहीं कई बार कुछ लोग हादसों का शिकार भी हो जाते हैं। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।
