बैंक ने जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला, बताया साइबर फ्रॉड का शिकार,
पीड़िता ने हंटरगंज थाना पुलिस से की शिकायत, कार्रवाई की मांग
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
हंटरगंज (चतरा): जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के डाहा पंचायत अंतर्गत बेला गांव स्थित एक महिला साइबर ठगी का शिकार हो गई। साइबर अपराधीयों ने पीड़िता से न तो कोई ओटीपी पूछा , और न ही कोई एप या लिंक डाउनलोड करने के लिए कहा। लेकिन इसके बाबजूद भी पीड़िता के बैंक बचत खाते से नौ हजार पांच सौ रूपये की निकासी कर ली। पीड़िता ने गुरुवार को हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दी है,लेकिन बैंक ने अपनी कोई भी जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया है। बैंक के कर्मियों ने इसे साइबर फ्रॉड बताते हुए पीड़िता को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़िता थाना क्षेत्र के बेला निवासी रमेश कुमार के 31 वर्षीय पत्नी पूनम कुमारी है। 13 मई की शाम को उनके मोबाइल पर संदेश आया कि उनके बैंक ऑफ इंडिया शाखा हंटरगंज बैंक बचत खाते से 9 हजार 500 सौ रुपये निकल गए हैं। यह देखकर पूनम आश्चर्य में पड़ गई क्योंकि वह तो कोई पैसे निकाली ही नहीं थी, और उनका एटीएम कार्ड भी नहीं है, ना ही उसके पास कोई कॉल आया था, ना ही ओटीपी। जिसके बाद पीड़िता आनन – फानन में सुबह बैंक ऑफ इंडिया शाखा हंटरगंज पहुंची और शाखा प्रबंधक को मामले की जानकारी दी। इसके बाद जब पूनम ने अपने बैंक खाते की स्टेटमेंट चेक की तो बैंक से निकासी राशि सही पाया।शाखा प्रबंधक ने इसे साइबर फ्रॉड बताते हुए पीड़िता को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़िता पूनम ने पत्रकारों को बताई कि उनका मोबाइल पूरी तरह उनके पास सुरक्षित है। वह एटीएम भी इस्तेमाल नहीं करती हैं । उन्होंने न तो कोई लिंक डाउनलोड किया है और न ही कोई ऐसा ऐप डाउनलोड किया है, ना ही कॉल आया और ना ही ओटीपी बताई जिससे कोई फ्रॉड हो सके। लेकिन इसके बाद भी उनके खाता से कुल मिलाकर 9 हजार 500 सौ रूपये निकाल लिए गए। उन्होंने बैंक से इस फ्रॉड की शिकायत की तो उनकी शिकायत पर बैंक खाते ब्लॉक कर दिए गए हैं। लेकिन बैंक ने किसी भी तरह अपनी जिम्मेदारी होने से इनकार कर दिया है। पीड़िता ने हंटरगंज थाने में इस घटना की लिखित आवेदन देकर साइबर अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई करने तथा खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।इधर, पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी साझा न करें तथा बैंक खाते से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत बैंक और पुलिस को दें। पुलिस ने इस पर कार्रवाई करने के लिए भी आश्वासन दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
