जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी योजनाओं के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। माधौगढ़ तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कासिमपुर में 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित जीवन जीने को मजबूर है।
सरकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, लेकिन कासिमपुर की यह तस्वीर बताती है कि अभी भी कई जरूरतमंद लोग योजनाओं से दूर हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस बुजुर्ग महिला की सुध कब लेता है।
जालौन जिले की माधौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत कासिमपुर में 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला आज भी सरकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित है। उम्र के इस अंतिम पड़ाव में भी वह बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही है।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला के पास न तो रहने के लिए पक्का घर है और न ही शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। वह गैलरी में ही अपना भोजन बनाती है और उसी स्थान पर रात गुजारने को मजबूर है।
इतना ही नहीं, उसके घर में बिजली की सुविधा भी नहीं है। पेयजल के लिए उसे दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है। उम्र अधिक होने के बावजूद वह अपने दैनिक कार्य स्वयं करने को विवश है।
एक ओर सरकार गरीबों, निराश्रितों और बुजुर्गों के लिए आवास, शौचालय,तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के संचालन का दावा करती है, वहीं कासिमपुर की यह तस्वीर उन दावों की जमीनी हकीकत बयां करती नजर आती है।
मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजकर 50 मिनट पर यह स्थिति देखी गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने भी बुजुर्ग महिला को तत्काल सरकारी सहायता दिलाने की मांग की।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इस 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएगा, या फिर वह इसी तरह अभावों के बीच जीवन बिताने को मजबूर रहेगी।
फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि प्रशासन संज्ञान लेता है तो इस बुजुर्ग महिला को आवास, शौचालय, बिजली और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है।
