बांका, फुल्लीडुमर। व्यवहार न्यायालय बांका के जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह स्पेशल पोक्सो माननीय स्वर्ण प्रभात की अदालत ने नाबालिक से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 7 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर नियमानुकूल अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जानकारी के अनुसार नाबालिक से दुष्कर्म के एक मामले में अभियोजन माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बांका की अदालत में दी गई। न्यायालय के आदेश पर संबंधित थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वह नानी घर में रहकर पढ़ाई करती थी। 28 अगस्त 2012 की रात लगभग 8:00 बजे बाराहाट थाना क्षेत्र के बभनगामा गांव निवासी जयकांत दुबे ने उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही बताने पर जान से मारने की धमकी एवं पिता को झूठे मुकदमे में फंसने की धमकी दी गई थी। कोर्ट में 7 गवाहों ने अपनी गवाही दी। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने एवं विचारण के बाद जयकांत दुबे को दोषी पाया एवं दोषी को 7 वर्ष की कैद एवं 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। वहीं सरकार की ओर से अधिवक्ता केशव प्रसाद मंडल एवं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय कांत दुबे ने बहस में हिस्सा लिया। न्यायालय के इस फैसले को नाबालिकों के विरुद्ध होने वाले यौन शोषण पर कानून की शक्ति एवं पिड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
नाबालिक से दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने दोषी को 7 वर्ष की कैद एवं 50 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
- July 2, 2026
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