ललित कुमार पाल
शिकारीपाड़ा/दुमका/ शिकारीपाड़ा प्रखंड के आमचुआं गांव में गुरुवार को एक पत्थर खदान के संचालन के लिए लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (AC) ने की। इस लोक सुनवाई का मुख्य उद्देश्य खदान संचालक के लिए आवश्यक पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करना था। बैठक के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने खदान के प्रोपराइटर राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल और उपस्थित प्रशासनिक पदाधिकारियों के समक्ष अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए डीप बोरिंग कराने, खदान में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और सड़क निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने एक बड़ा मुद्दा उठाते हुए यह भी शिकायत की कि इससे पहले जिस पत्थर खदान के लिए लोक सुनवाई की गई थी, उसके संचालक ने अपने वादे पूरे नहीं किए, जिससे ग्रामीणों में थोड़ा अविश्वास भी देखने को मिला।
इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया और लोक सुनवाई के दौरान अपर समाहर्ता के साथ-साथ शिकारीपाड़ा के अंचल अधिकारी, पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। ग्रामीणों की शिकायतों और मांगों को गंभीरता से सुनते हुए खदान के प्रोपराइटर ने मौके पर ही उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया कि खदान का वास्तविक काम शुरू होने से ठीक 20 दिन पहले वे गांव में पेयजल के लिए डीप बोरिंग का काम अनिवार्य रूप से पूरा करवा देंगे और इसके बाद ही आगे का काम करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि रोजगार और सड़क जैसी बाकी अन्य मूलभूत मांगों को खदान का संचालन विधिवत रूप से प्रारंभ होने के बाद चरणबद्ध तरीके से पूरा कर दिया जाएगा।
शिकारीपाड़ा के आमचुआं गांव में पत्थर खदान के लिए लोक सुनवाई आयोजित, ग्रामीणों ने रखी मांगें तो संचालक ने दिया 20 दिनों में बोरिंग का भरोसा
