माधौगढ़ (जालौन)। बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) टीम एवं बंगरा पुलिस ने ग्राम बंगरा में एक नाबालिग बच्चे की शादी रुकवाकर सराहनीय कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि गांव में एक नाबालिग बच्चे का विवाह कराया जा रहा है। सूचना पर तत्काल सीडब्ल्यूसी टीम और पुलिस मौके पर पहुंची तथा जांच-पड़ताल के बाद बाल विवाह को रुकवा दिया।
कार्रवाई के दौरान नाबालिग दूल्हे को अपने संरक्षण में लेते हुए आगे की विधिक प्रक्रिया के लिए जिला मुख्यालय उरई ले जाया गया। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इस दौरान सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष सतीश चंद्र, सदस्य गरिमा पाठक, आदर्श खरे और मिलन पांचाल, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) से उपनिरीक्षक मोहम्मद शकील, कांस्टेबल सुभनेश कुमार, बंगरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सुरेंद्र कुमार तथा कांस्टेबल नरेश चंद्र सोलंकी मौजूद रहे। टीम की त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग को समय से पहले वैवाहिक बंधन में बंधने से बचा लिया गया। क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा रही और लोगों से बाल विवाह जैसी कुप्रथा की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई।
