धान की आड़ में चल रहा था प्रतिबंधित नशे का काला खेल,
प्रतापपुर पुलिस ने नशे का सौदागर को भेजा जेल
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : चतरा जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। चतरा पुलिस ने प्रतापपुर थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध डोडा (अफीम का चूरा) जब्त किया है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए धान की बोरियों के नीचे डोडा छिपा रखा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। धान की आड़ में चल रहा था प्रतिबंधित नशे का काला खेल एसडीपीओ सदर संदीप सुमन नें बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुंदा की ओर से एक मालवाहक ऑटो में धान की बोरियों के नीचे छिपाकर अवैध डोडा बिहार भेजा जा जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद चतरा एसडीपीओ के नेतृत्व में प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी व सशस्त्र बल के जवानों की एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने प्रतापपुर थाना क्षेत्र के बलवादोहर गांव के पास घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान कुंदा की तरफ से आ रहे एक भूरे रंग के ऑटो (रजिस्ट्रेशन संख्या JH02BG-2536) को रोका गया। जब ऑटो की सघन तलाशी ली गई, तो ऊपर रखी धान की बोरियों के नीचे से कुल 10 बोरियों में भरा 282 किलोग्राम अवैध डोडा बरामद हुआ। एसडीपीओ नें बताया कि बरामद डोडे का अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 42 लाख रुपये आंकी जा रही है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नें बताया कि चतरा पुलिस नशा मुक्त जिला बनाने की दिशा में निरंतर अभियान चला रही है। यह कार्रवाई उसी का हिस्सा है। हमने अवैध डोडा के साथ एक तस्कर अजय कुमार साव को गिरफ्तार किया है। उन्होंने नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त हर अपराधी को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो वे यह धंधा छोड़ दें या जेल जाने के लिए तैयार रहें। पुलिस की पैनी नजर हर संदिग्ध गतिविधि पर है और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बिहार में खपाने की थी तैयारी, आरोपी गया जेल
एसडीपीओ नें बताया कि पूछताछ में पता चला कि इस खेप को ड्राई स्टेट बिहार में खपाने की तैयारी थी, जहाँ प्रतिबंधित पदार्थों की मांग अधिक रहती है। पुलिस ने मौके से प्रतापपुर थाना क्षेत्र के गोमे निवासी 27 वर्षीय तस्कर अजय कुमार साव को गिरफ्तार किया है। इस मामले में प्रतापपुर थाना में एनडीपीएस एक्ट और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
