Birsa Times

तपती गर्मी में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं मासूम,

तपती गर्मी में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं मासूम,

डाटम में स्कूली बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़,

ग्रामीणों ने एचएम पर लगाया मनमानी करने का आरोप,

आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास

हंटरगंज(चतरा): जिले के हंटरगंज प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय डाटम के पहली कक्षा के बच्चे तपती गर्मी में पेड़ के नीचे बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। लेकिन इसका फिक्र ना तो शिक्षा विभाग की है ना वहां के प्रधानाध्यापक की।वहीं एक ओर सरकार दावा करती हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े कदम उठाए गए हैं, लेकिन यहां की व्यवस्था जमीनी हकीकत को दिखा रही है और बता रही है कि आज भी यहां के छात्र को मूलभूत सुविधाओं से ही वंचित रखा गया हैं। ऐसे में उनका भविष्य अंधकार में ही बना हुआ है। यहां पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा भी दम तोड़ कर रह जा रही है। ग्रामीणों ने इसका सीधा जिम्मेदार प्रधानाध्यापक को बताया है। उनका आरोप है कि स्कूल के कमरा में खाली जगह होने के बाबजूद भी पहली कक्षा के मासूमों को तपती धूप, भीषण गर्मी में पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। जबकि इससे उच्चतम कक्षा के छात्रों को कमरा में पढ़ाया जा रहा है। यदि कोई बच्चा लू के चपेट में आया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? किया प्रधानाध्यापक या शिक्षा विभाग मेरे बच्चे को वापस ला सकते हैं ?आखिर बच्चों के भविष्य और सेहत के साथ क्यों खिलवाड़ की जा रही है, उन्होंने आगे प्रधानाध्यापक पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2 दिन पूर्व सरकार के द्वारा डीएमफ़टी फंड से आया बच्चे के लिए खेल कूद और म्यूजिशियन सामग्री को बिना किसी प्रबंधन समिति के सदस्यों की जानकारी के स्कूल में कमरा नहीं होने के हवाला देते हुए वापस भेज दी गई। यह मामला एक बार का नहीं बल्कि छः माह पूर्व भी आया कंप्यूटर सेट को भी प्रधानाध्यापक ने बिना किसी प्रबंधन समिति के सदस्यों कि जानकारी के वापस भेज दी।अब बच्चों को ना तो डिजिटल शिक्षा मिल पा रही है ना ही खेल सामग्री,ऐसे में बच्चे डिजिटल शिक्षा और खेल सामग्री के लिए तरसते रह जाएंगे। ग्रामीणों ने आगे एचएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन समिति के सदस्यों को अंधकार में रखकर काम किया जा रहा है,इसके अलावा लोगों ने स्कूल के संचालन में मनमानी करने, स्कूल में एमडीएम ठीक से नहीं बनाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मेन्यू की आधार पर बच्चों को एमडीएम भी नहीं दी जाती है। उन्होंने आज ताजा उदाहरण देते हुए कहा कि बुधवार को मेन्यू के अनुसार बच्चों को हरी सब्जी, सोयाबड़ी युक्त भेज पुलाव दाल रागी लड्डू देनी थी,लेकिन सिर्फ दाल भात सब्जी बच्चों के बीच परोस दिया गया। इस मामले में पूछे जाने पर रसोईया कलिया देवी और आशा देवी ने बताया कि जो हमे मिलता है वो हम बनाते हैं। इधर आक्रोशित ग्रामीणों ने मांग है कि जल्द से जल्द ऐसे प्रधानाचार्य को स्थानांतरित किया जाए ताकि बेहतर शिक्षा व्यवस्था का बच्चे लाभ उठा सकें। हालांकि इस मामले में पूछे जाने पर प्रधानाध्यापक जुबैर खान ने कुछ भी कहने से मुनासिब नहीं समझा, उन्होंने कहा कि पत्रकारों को स्कूल में प्रवेश के पहले डीओ ऑफिस से आदेश लेकर आना होता है। इधर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी किशोर कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, जांच की जाएगी यदि एचएम दोषी पाए गए तो विभागीय कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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