समाज सेवा केवल पद पाने का साधन नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों के आंसू पोंछने का जरिया: रूपेश सिंह
गिरिडीह। राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में वादे अक्सर चुनावी रैलियों तक सीमित रह जाते हैं, लेकिन जन कल्याण संगठन के अध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए ‘जुबान’ की कीमत क्या है। जिले के देवरी प्रखंड अंतर्गत हरियडीह पंचायत के अडवारा गाँव की रहने वाली चितनी देवी पति दिवंगत हरिनारायण ठाकुर का निधन लगभग 10 वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में हो गया था, अपने परिवार की कठिन परिस्थितियों से जूझ रही थीं। लगभग 2 वर्ष पहले जब रूपेश कुमार सिंह क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनके घर पहुंचे तब चितनी देवी ने अपनी पीड़ा उनसे साझा की थी।
क्या है पूरा मामला
लगभग 10 वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में अपने पति को खोने वाली चितनी देवी आर्थिक तंगहाली से जूझ रही थीं। करीब 2 वर्ष पहले, क्षेत्र भ्रमण के दौरान रूपेश कुमार सिंह उनके घर पहुँचे थे। उस वक्त चितनी देवी के संघर्ष को देख उन्होंने एक भरोसा दिलाया था: “बेटी की शादी तय हो तो मुझे याद कीजिएगा, जो बन पड़ेगा मदद जरूर करूँगा।
वादे पर खरे उतरे रूपेश सिंह
जब हाल ही में चितनी देवी की बेटी की शादी तय हुई और उन्होंने रूपेश जी को याद किया, तो उन्होंने जरा भी देर नहीं की। अत्यंत सुदूर और दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद, रूपेश कुमार सिंह स्वयं सामान लेकर अडवारा गाँव पहुँचे। उन्होंने अपनी ओर से तिलक और वैवाहिक कार्यों के लिए स्टील के बर्तन, कुर्सी और बक्से जैसी जरूरी अन्य सामग्री भेंट की।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र में अक्सर लोग आने से कतराते हैं, वहां एक समाजसेवी रूपेश कुमार सिंह का खुद पहुँचकर मदद करना यह दर्शाता है कि वे केवल ‘नेताओं’ की तरह बातें नहीं करते, बल्कि ज़मीनी स्तर पर लोगों का दर्द समझते हैं।
समाज सेवा केवल पद पाने का साधन नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों के आंसू पोंछने का जरिया
जन कल्याण संगठन के अध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने कहा कि समाज सेवा केवल पद पाने का साधन नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों के आंसू पोंछने का जरिया है। चितनी देवी की मुस्कान ही मेरी असली कमाई है। रूपेश कुमार सिंह के इस मानवीय कार्य की हर ओर प्रशंसा हो रही है। लोग उनके इस जज्बे को सलाम और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों मंगलकामनाएं कर रहे हैं। और लोगों ने कहा कि यूँ ही वह समाजसेवा के पथ पर अग्रसर रहें।
