
-इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी नागरिक ट्रैकिंग से जुड़ी आइवीएफआरची योजना पांच साल के लिए बढ़ी
नयी दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को कई अहम फैसले लिये हैं। इनमें 2030-35 के नये पर्यावरण लक्ष्य तय करना, 28,840 करोड़ रुपये की नवीकृत उड़ान योजना को मंजूरी और इमिग्रेशन सिस्टम के आधुनिकीकरण के लिए आइवीएफआरटी 3.0 शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने नवीकृत क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना उड़ान 2.0 को मंजूरी दी है। इस पर 28,840 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना तहत एक सौ नये एयरपोर्ट विकसित किये जायेंगे। कैबिनेट ने इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी नागरिक ट्रैकिंग से जुड़ी आइवीएफआरटी योजना को 31 मार्च 2031 तक पांच साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी है। साथ ही 1,800 करोड़ रुपये की आइवीएफआरटी 3.0 योजना को भी मंजूरी दी गयी है, जिसमें आधुनिक तकनीकों जैसे एआइ, आधार आधारित पहचान, फेस रिकग्निशन और आईरिस स्कैनिंग का इस्तेमाल किया जायेगा।

उत्सर्जन तीव्रता में 36% कमी हासिल की:
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत ने जीडीपी के मुकाबले उत्सर्जन तीव्रता (एमिशन इंटेंसिटी) में 36% की कमी हासिल कर ली है। 2030 का एक लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया गया और 2026 में उसे पार भी कर लिया गया। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक पहले क्योटो प्रोटोकॉल लागू था, लेकिन पेरिस समिट के बाद एक नया वैश्विक ढांचा बना, जिसमें हर देश को अपनी परिस्थितियों के अनुसार लक्ष्य तय करने को कहा गया। वर्तमान लक्ष्य 2025-2030 के लिए हैं और अब कैबिनेट ने 2030-35 के लक्ष्यों को भी मंजूरी दे दी है।
