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Birsa Times

एटीएम कैश वैन से 93 लाख की लूट, 20 दिन तक साधु बनकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

एटीएम कैश वैन से 93 लाख की लूट, 20 दिन तक साधु बनकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

जमशेदपुर। कर्नाटक के बीदर में हुई 93 लाख रुपये की एटीएम कैश वैन लूट और हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घटना के दो मुख्य आरोपियों को बिहार के वैशाली जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए कर्नाटक पुलिस की टीम ने करीब 20 दिनों तक गुप्त अभियान चलाया और अपनी पहचान छिपाने के लिए धार्मिक तीर्थयात्रियों का भेष तक धारण किया।

बिहार से गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आलोक कुमार उर्फ अंबानी और अमन सिंह के रूप में हुई है। दोनों बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले बताए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक पुलिस की टीम मंगलवार सुबह दोनों आरोपियों को लेकर जमशेदपुर पहुंची और सोनारी थाना क्षेत्र के परदेशीपाड़ा स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की।

पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान एक बाइक की टंकी से दो जिंदा कारतूस और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। आरोपियों के पास से दो पिस्तौल भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।

परिवार के साथ किराये के मकान में रह रहे थे आरोपी

जांच में पता चला कि दोनों आरोपी सोनारी के परदेशीपाड़ा इलाके में अलग-अलग किराये के मकानों में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। पुलिस को आशंका है कि दोनों लंबे समय से यहां रहकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे और पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

16 जनवरी 2025 को हुई थी 93 लाख की लूट और हत्या

यह वारदात 16 जनवरी 2025 को कर्नाटक के बीदर जिले में हुई थी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के एटीएम में कैश डालने पहुंची टीम पर बाइक सवार दो बदमाशों ने हमला कर दिया था। बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर कैश कस्टोडियन वेंकटेश की हत्या कर दी, जबकि एक सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था।

इसके बाद अपराधी 93 लाख रुपये से भरा कैश बॉक्स लेकर फरार हो गए थे। घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

यूपी और तेलंगाना में भी दर्ज हैं मामले

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी केवल कर्नाटक की वारदात में ही शामिल नहीं थे। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और तेलंगाना के हैदराबाद में लूट और फायरिंग के कई मामले दर्ज हैं।

करीब 19 महीने तक चली जांच के बाद पुलिस को दोनों आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और वारदातों की जानकारी जुटाने में लगी है।

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