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JPSC-JSSC पर सरकार का बड़ा एक्शन: 45 परीक्षाओं पर असर, 22 रद्द और 17 की जांच

JPSC-JSSC पर सरकार का बड़ा एक्शन: 45 परीक्षाओं पर असर, 22 रद्द और 17 की जांच

रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। CID और SIT की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुल 45 परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द, 6 परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

सरकार के फैसले की प्रमुख बातें

  • 22 नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश।
  • 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित।
  • 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच का निर्देश।
  • JPSC-JSSC से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का अनुरोध।
  • दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने का फैसला।
  • परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित होगी।

JSSC-CGL समेत कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं रद्द

सरकार के आदेश के अनुसार JSSC की विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा JSSC-CGL को रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय SIT और CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर लिया गया है।

इसके अलावा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 और 2025 की नियमित एवं बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा की 2013, 2016 और 2021 की परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

सिविल जज और अन्य तकनीकी परीक्षाएं भी रद्द

सरकार ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की 2015, 2018 और 2023 की परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया है। इसके अलावा 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर परीक्षा और 2023 की चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर परीक्षा भी रद्द की गई है।

शैक्षणिक और तकनीकी पदों से जुड़ी कई परीक्षाएं भी इस फैसले की जद में आई हैं। इनमें विश्वविद्यालयों के गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति, सरकारी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर की नियुक्ति से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं। JET 2024, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर, ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर से संबंधित परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।

6 परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित

सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया है। इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया TDPL के अलावा अन्य एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी। संबंधित एजेंसियों की भूमिका और विश्वसनीयता की जांच CID करेगी।

स्थगित परीक्षाओं में फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर से संबंधित परीक्षाएं शामिल हैं।

17 परीक्षाएं जांच के दायरे में

सरकार ने कुल 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है। जांच के बाद इन परीक्षाओं को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का होगा अनुरोध

JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए राज्य सरकार झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करेगी। सरकार का कहना है कि इससे ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी।

JPSC-JSSC में बनेगा आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ

परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए दोनों आयोगों में Internal Vigilance Cell गठित किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेगा और संभावित गड़बड़ियों पर नजर रखेगा।

अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी समिति

परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी शामिल किया जाएगा। समिति JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली एवं प्रक्रियाओं का विस्तृत अध्ययन कर दो महीने के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार ने लिया फैसला

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त को मंत्रियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद सरकार ने परीक्षाओं को रद्द करने और जांच कराने की घोषणा की थी। इसके अगले दिन यानी 18 अगस्त की देर रात कार्मिक विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी।

हालांकि, छात्र अभी भी पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पर सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर हैं। इसमें परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक सुधारों की बात कही गई है।

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