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साहिबगंज में ASI को खंभे से बांधकर पीटा, नशे में हंगामा करने का आरोप; 59 ग्रामीणों के खिलाफ FIR

साहिबगंज में ASI को खंभे से बांधकर पीटा, नशे में हंगामा करने का आरोप; 59 ग्रामीणों के खिलाफ FIR

साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। तालझारी थाना क्षेत्र के मोतीझरना बाजार में तालझारी थाने में पदस्थापित एएसआई चिंटू कुमार को कथित तौर पर बिजली के खंभे से बांधकर पीटा गया। इस दौरान उनकी सरकारी वर्दी भी फाड़ दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में साहिबगंज के एसपी अमित सिंह ने एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

वायरल वीडियो में कुछ लोग एएसआई को खंभे से बांधकर उनके साथ मारपीट करते और गाली-गलौज करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान कुछ लोग उन पर शराब के नशे में हंगामा करने का आरोप भी लगाते नजर आ रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि, वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर एएसआई को छुड़ाया

घटना की सूचना मिलने के बाद तालझारी थाना प्रभारी नीतीश पांडेय पुलिस बल के साथ मोतीझरना बाजार पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत कराया और एएसआई चिंटू कुमार को लोगों के चंगुल से छुड़ाकर थाने ले गए।

इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस को लिखित शिकायत भी सौंपी। बताया जा रहा है कि शिकायत में एएसआई के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जानकारी और उनकी पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एसपी ने किया निलंबित, मामले की जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज के एसपी अमित सिंह ने एएसआई चिंटू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजमहल के एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने भी निलंबन की कार्रवाई की पुष्टि की है।

फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। एएसआई के निलंबन के विस्तृत कारणों और घटना से जुड़ी परिस्थितियों के संबंध में आधिकारिक स्तर पर पूरी जानकारी सामने आना बाकी है।

पुलिसकर्मी के आचरण और कानून हाथ में लेने पर उठे सवाल

मोतीझरना बाजार की घटना ने पुलिसकर्मियों के आचरण और पुलिस-जनता के संबंधों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत है, तो उसकी जांच नियमानुसार की जानी चाहिए। वहीं, किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेकर किसी के साथ मारपीट करने का अधिकार नहीं है।

अब जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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