Skip to main content

Birsa Times

शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका: राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने दिया इस्तीफा, कहा- ‘एकतरफा प्यार ज्यादा दिन नहीं चलता, इससे अच्छा बेवफा हो जाओ’

शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका: राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने दिया इस्तीफा, कहा- ‘एकतरफा प्यार ज्यादा दिन नहीं चलता, इससे अच्छा बेवफा हो जाओ’

मुंबई: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने सोमवार को प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पार्टी की विचारधारा, गठबंधन की राजनीति और हाल के रुख पर तीखा हमला बोला।

आनंद दुबे ने कहा, “बड़े भारी मन से इस्तीफा दे रहा हूं। पिछले कई वर्षों में मैंने पार्टी के लिए तन-मन-धन लगा दिया। हर जिम्मेदारी निभाई, लेकिन कई महीनों से पार्टी की लाइन नहीं भूल पा रहा था।”

क्या कहा आनंद दुबे ने?

उन्होंने पार्टी में घुस आए तत्वों पर निशाना साधते हुए कहा, “पार्टी में जो कीड़े-मकोड़े जैसे कॉकरोच, छिपकली, मक्खी और मच्छर घुस आए हैं, वे मेरे नेता नहीं हो सकते। मेरे नेता शरजील इमाम, उमर खालिद, ध्रुव राठी या उनके जैसे लोग कभी नहीं हो सकते। मेरे नेता भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव हैं। मैं छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज को अपना आदर्श मानता हूं। अब पार्टी की विचारधारा के साथ नहीं चल सकता।”

वीर सावरकर को अपना हीरो बताते हुए उन्होंने गठबंधन सहयोगियों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सावरकर को गालियां देते हैं, सनातन धर्म को ‘डेंगू’ कहते हैं और भगवान शंकर व राम में फर्क करते हैं। वोट चोरी के आरोपों पर उन्होंने कहा, “वोट चोरी नहीं हो रहे, बल्कि कुछ लोगों की सोच चोरी हो गई है। अब इसका कोई इलाज नहीं है।”

कैप्टन स्मित मच्छर का जिक्र करते हुए दुबे ने कहा कि पार्टी ने उनके समर्थन में एक भी ट्वीट नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी विचारधारा बालासाहेब ठाकरे वाली ही है और मरते दम तक वैसी ही रहेगी। “मैं अपने देश, सनातन धर्म या हिंदुत्व के खिलाफ नहीं जा पाऊंगा।”

एकतरफा प्यार वाली टिप्पणी क्यों?

कुछ दिनों पहले पार्टी से निष्कासन की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि एआई से बनाई गई खबर पर पार्टी ने कुछ नहीं कहा, उन्हें खुद खंडन करना पड़ा। “मुझे बहुत पीड़ा हुई। मैं हूं जज और मैं ही अपराधी… ऐसा कभी कहीं होता है क्या? एकतरफा प्यार ज्यादा दिन नहीं चलता, इससे अच्छा बेवफा हो जाओ। तो अफवाहों पर पूर्णविराम लगाते हुए मैं खुद निकल गया।”

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *