रांची। राजधानी रांची के बरियातू थाना क्षेत्र स्थित मंडा बगीचा में हाल में हुई गोलीबारी की घटना की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, कुख्यात अपराधी लव कुश शर्मा ने अपने साथी गौरव बाड़ा के साथ मिलकर जमीन कारोबारी टोनी लोहरा पर गोली चलाई थी। गोली लगने के बाद टोनी लोहरा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस को दोनों के बीच किसी पुराने विवाद की जानकारी नहीं मिली है।
घटना के बाद से लव कुश शर्मा और उसका साथी गौरव बाड़ा फरार हैं। आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। टीम में सदर डीएसपी, बरियातू थाना प्रभारी समेत कई पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, लव कुश शर्मा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। सुखदेवनगर, बरियातू, कोतवाली और लालपुर समेत रांची के कई थानों में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। आपराधिक गतिविधियों के कारण वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
लव कुश शर्मा को वर्ष 2022 में बिहार से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद उसके दोबारा आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरियातू गोलीकांड के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और वारदात की पूरी योजना किस तरह तैयार की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2015 में लव कुश शर्मा पर पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर समरेंद्र प्रताप सिंह से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। रंगदारी नहीं मिलने पर इंजीनियर पर दिनदहाड़े फायरिंग की गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान पटना के पालीगंज में पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ भी हुई थी।
इसके अलावा मोरहाबादी मैदान में शिबू सोरेन के आवास के पास हुए चर्चित कालू लामा हत्याकांड में भी लव कुश गिरोह का नाम सामने आया था। पुलिस अब बरियातू गोलीकांड में उसकी भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एसआईटी की छापेमारी के साथ-साथ पुलिस आरोपियों के संपर्कों और संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है।
