प्रेमी निकला हत्या का मास्टरमाइंड,कोर्ट में गवाही रोकने के लिए प्रेमिका की हत्या
-दो लाख की सुपारी देकर रची गई साजिश,एक आरोपी गिरफ्तार
-जजलो की बंद पत्थर खदान में फेंका गया था शव,मुख्य आरोपी अब भी फरार
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो गांव स्थित बंद पत्थर खदान से 26 जून को बरामद युवती दिव्या कुमारी के शव मामले में चतरा पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंध के बाद दर्ज मुकदमे में न्यायालय में होने वाली गवाही से बचने के लिए मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर दो लाख रुपये की सुपारी देकर युवती की हत्या करवा दी। हत्या के बाद शव को साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से बंद पड़ी पत्थर खदान में फेंक दिया गया। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। शुक्रवार को चतरा एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के गया जिले के बांकेबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत खरांटी गांव निवासी नेपाली गंझू के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार, मृतका दिव्या कुमारी बिहार के गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के अछमा गांव की रहने वाली थी। उसका शेरघाटी थाना क्षेत्र के कुबड़ी गांव निवासी राहुल यादव के साथ प्रेम संबंध था। दोनों के बीच विवाद होने के बाद दिव्या ने राहुल यादव के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन था।
गवाही के डर से रची गई हत्या की साजिश
एसडीपीओ ने बताया कि राहुल यादव लगातार दिव्या पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था। जब दिव्या ने समझौते से इनकार कर दिया, तो राहुल को आशंका हुई कि न्यायालय में उसके खिलाफ गवाही होने पर उसे सजा हो सकती है। इसी आशंका के चलते उसने कथित तौर पर दिव्या की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, राहुल यादव ने नेपाली गंझू को दो लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराने की योजना बनाई। योजना के तहत दोनों ने मिलकर दिव्या की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो गांव स्थित बंद पड़ी पत्थर खदान में ले जाकर फेंक दिया, ताकि पहचान और साक्ष्य छिपाए जा सकें।
तकनीकी और वैज्ञानिक जांच से खुली गुत्थी
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि शव मिलने के बाद हंटरगंज थाना में हत्या का मामला दर्ज कर विशेष जांच टीम गठित की गई।इस चर्चित हत्याकांड के खुलासे में हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान किया। इसी क्रम में नेपाली गंझू को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताए, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।पुलिस के अनुसार, हत्या का मुख्य साजिशकर्ता राहुल यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने भरोसा जताया कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।छापेमारी अभियान में इंस्पेक्टर विपिन कुमार, थाना प्रभारी प्रभात कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
