पुलिस पर अवैध वसूली कर नो-एंट्री में हाइवा प्रवेश कराने का गंभीर आरोप,
कथित ₹100 रिश्वत में बिक गई नो-एंट्री, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश,
आक्रोशित लोगों ने लगाए पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : हंटरगंज में भारी वाहनों से बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं और नो एंट्री के बावजूद धड़ल्ले से गुजर रहे भारी वाहनों के ख़िलाफ़ लोगों का आक्रोश फूटता जा रहा है।नो एंट्री में भारी वाहनों के प्रवेश पर पुलिस कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए है। हंटरगंज बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम से निजात दिलाने व भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए अनुमंडल प्रशासन द्वारा हंटरगंज थाना क्षेत्र के सोहाद से जोरी थाना क्षेत्र के मुरैनवा तक चतरा – डोभी मुख्य पथ पर सुबह 7 बजे से रात 8 बजे नो एंट्री लागू की गई है। इसके बाबजूद हंटरगंज में नो एंट्री का पालन नहीं किया जा रहा है।अनुमंडल प्रशासन द्वारा लागू नो एंट्री की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। बाजार में नो एंट्री के दौरान भारी वाहनों का प्रवेश निर्बाध हो रहा है। ऐसे में जाम की समस्या से जूझ रहे स्थानीय लोगों और राहगीरों की परेशानियां और बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी कोचिंग में पढ़ रहे बच्चों को हो रही है। इसको लेकर पिछले सप्ताह भी लोगों ने विरोध किया था, लेकिन प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ताजा मामला रविवार की सुबह 7:30 बजे की हैं जहां नो एंट्री के बावजूद सोहाद की ओर से तीन हाईवा अचानक बाजार में घुस गए। जिससे जाम लग गया। जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने चालक से बहस और हाथापाई करनी शुरू कर दी। जिसकी जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रभात कुमार दल बल के साथ पहुंचे, और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, के नारे लगाने लगे। आक्रोशित लोगों ने जब हाइवा चालक से पूछा तो चालक ने भी पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ₹100 की रिश्वत लेकर हाइवा को नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश करने दिया गया। जिसके बाद लोगों का और आक्रोश फूटता गया। हालांकि थाना प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों हाइवा को जब्त कर लिया। जिसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए, लोगों ने कहा की यदि ब्रेकटिंग लगाया जाए तो नो एंट्री में भारी वाहन प्रवेश नहीं करेंगे। वही वाहनों की गति सीमा पर भी अंकुश लग पाएगी।नो एंट्री में भारी वाहनों के प्रवेश पर पुलिस कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों अपने स्वार्थ के लिए यातायात व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पुलिस के सामने से बेखोफ होकर गुजरने वाले भारी वाहन चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती दिख रही है।
लोगों को सता रहा है दुर्घटनाओं का डर
नो एंट्री लागू होने के बाद भी बाजार में हाईवा और भारी वाहनों का आवागमन हो रहा है। इस वाहनों के चालकों को इसकी जानकारी होने के बाद भी नो एंट्री में घुस आते हैं और किसी कार्रवाई से बचने के लिए जल्द ही बाजार से निकलने की कोशिश करते हैं और वाहन को तेज रफ्तार में दौड़ाते हैं। जिससे इस सड़कों से गुजरने वाले लोगों को इन तेज रफ्तार वाहनों से दुर्घटनाओं का डर सताता रहता है। लोगों का आरोप है कि बैठक में सिर्फ नियम कागज़ों पर बनाई गई लेकिन धरातल पर नहीं उतरा। उनका आरोप है कि नो एंट्री के बोर्ड और अवरोधक तो लगा दिए गए पर उसका अनुपालन कराने की व्यवस्था नहीं की गई। सब कुछ देख कर भी यातायात के जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।पुलिस की कार्यशैली देखकर लगता है कि लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने में उसे विशेष रूचि नहीं है। हालांकि इधर हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया आज तीन भारी वाहन घुस आए थे, सभी वाहनों का चलान किया जाएगा।वही तैनात चौकीदार पर कार्रवाई हेतु वरीय अधिकारियों से अनुशंसा की जाएगी। अगले बार से इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और पूरी तरह से नो एंट्री का पालन कराया जाएगा।
