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जमुआ: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीन पर अवैध निर्माण, अस्पताल प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

जमुआ: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीन पर अवैध निर्माण, अस्पताल प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

​गिरिडीह। जिले के जमुआ प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की सरकारी जमीन इन दिनों भू-माफियाओं के निशाने पर है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा भू-माफियाओं के साथ साठगांठ कर अस्पताल परिसर की सुरक्षित जमीन पर अवैध तरीके से पक्का निर्माण कराया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि दिन-दहाड़े हो रहे इस अवैध निर्माण पर अस्पताल प्रशासन ने पूरी तरह से मौन धारण कर रखा है। ​क्या है पूरा मामला: ​अस्पताल परिसर, जो भविष्य में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और मरीजों के हित के लिए आरक्षित है, वहां धड़ल्ले से ईंट और सीमेंट का ढांचा खड़ा किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफिया सरकारी जमीन को निजी संपत्ति की तरह हथियाने में लगे हैं। निर्माण कार्य इतनी तेजी से चल रहा है कि देखते ही देखते सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। ​आम जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब अस्पताल की नाक के नीचे अवैध निर्माण हो रहा है, तो संबंधित अधिकारी इस पर कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक क्यों बने हुए हैं। ​क्या स्वास्थ्य विभाग अपनी बेशकीमती जमीन बचाने में दिलचस्पी नहीं रख रहा, ​​स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा असर ​जानकारों का कहना है कि यदि इसी तरह अस्पताल की जमीन पर अवैध कब्जे होते रहे, तो आने वाले समय में नए वार्डों के निर्माण, पार्किंग या अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए जगह नहीं बचेगी। इसका सीधा खामियाजा जमुआ की गरीब जनता को भुगतना पड़ेगा। ​जनता की मांग​स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

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