कृष्णा गोस्वामी
देवघर – देवघर में बिजली की बढ़ती खपत अब सिर्फ आम उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि सरकारी कार्यालय भी इसमें बड़ी हिस्सेदारी निभा रहे हैं। ताज़ा आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि जिले के सरकारी दफ्तरों में बिजली उपयोग का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सालाना बिल करोड़ों में पहुंच चुका है।
बिजली विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष के अंत में सरकारी कार्यालयों द्वारा जमा किए गए बिलों में सबसे बड़ा हिस्सा नगर निगम का रहा। नगर निगम कार्यालय ने अकेले 6 करोड़ 23 लाख रुपये का बिजली बिल जमा किया, जो जिले में सर्वाधिक है।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय दूसरे स्थान पर रहा, जहां से करीब 80 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं उपायुक्त कार्यालय ने लगभग 10 लाख रुपये, अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय ने 4 लाख रुपये और सिविल कोर्ट ने करीब 6 लाख रुपये बिजली बिल के रूप में जमा किए।
कार्यपालक अभियंता नीरज आनंद ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी सरकारी कार्यालयों ने समय पर बिजली बिल का भुगतान किया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों से मिलाकर इस वर्ष करीब 21 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली की खपत केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी संस्थान भी इसके बड़े उपभोक्ता हैं। ऐसे में ऊर्जा संरक्षण की जिम्मेदारी सभी पर समान रूप से लागू होती है।
स्पष्ट है कि विकास के साथ-साथ बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि उपयोग के साथ-साथ बचत पर भी ध्यान दिया जाए, अन्यथा आने वाले समय में ऊर्जा संकट एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
सरकारी दफ्तरों में बिजली की बेखौफ खपत, करोड़ों में बिल… नगर निगम सबसे आगे
