पाकिस्तान-दुबई कनेक्शन आया सामने, विदेशी हैंडलरों से मिल रहे थे निर्देश
रांची। रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच के दौरान एजेंसी के सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह हमला केवल स्थानीय घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित आतंकी साजिश का हिस्सा था। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमन अंसारी और सयाम सुजान से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
एनआईए ने दोनों आरोपियों को सात दिन की रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ की। जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान और दुबई में मौजूद कथित विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें विदेश से ऑनलाइन निर्देश दिए जा रहे थे और हमले की पूरी योजना उसी के अनुसार तैयार की गई थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों को पेट्रोल बम बनाने और उसका इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग ऑनलाइन माध्यम से दी गई थी। वे वीडियो कॉलिंग एप बॉटिम और व्हाट्सएप के जरिए विदेशी संपर्कों से जुड़े हुए थे। इन्हीं प्लेटफॉर्म के जरिए कथित तौर पर हमले की रणनीति बनाई गई और उसे अंजाम देने की तैयारी कराई गई।
एनआईए अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी दुबई कैसे पहुंचे, वहां किन लोगों से मिले और उनका संपर्क किन संगठनों से था। जांच एजेंसी को संदेह है कि उनका संबंध ‘तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ नामक आतंकी मॉड्यूल से हो सकता है। साथ ही इस नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से परोक्ष समर्थन मिलने की संभावना की भी जांच की जा रही है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि हमले के बाद आरोपी बोकारो, कोडरमा और बिहार के रास्ते दिल्ली भागने की योजना बना रहे थे। एनआईए अब यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली में उनका संपर्क किन लोगों से होना था और झारखंड में उन्हें किसने शरण व सहायता उपलब्ध कराई। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन और फंडिंग के स्रोतों की भी जांच की जा रही है। एजेंसी राज्य में सक्रिय संभावित स्लीपर सेल और उनसे जुड़े नेटवर्क की भी गहन पड़ताल कर रही है।
