उत्पाद विभाग से करवाई की माँग,जनता में भारी आक्रोश
अवैध रूप संचालित जिले में विधिसम्मत उत्पाद व्यवस्था पर चतरा डीसी ने कार्रवाई का दिया आदेश
वरीय संवाददाता:कुन्दन पासवान
टंडवा:चतरा। औद्योगिक नगरी टंडवा इन दिनों एक नई और गंभीर समस्या की गिरफ्त में है। क्षेत्र के कई इलाकों में स्थित फुटपाथ और सामान्य होटल, बियर-बार की तर्ज पर संचालित हो रहे हैं। दिन हो या रात, इन कथित होटलों में खुलेआम अंग्रेजी शराब और बियर परोसी जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर चल रहे इस अवैध कारोबार ने स्थानीय सुरक्षा और शांति पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
बिना लाइसेंस के कैसे बन गए होटल बियर बार?
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इन फुटपाथ नुमा होटलों को बियर-बार की तर्ज पर शराब परोसने का लाइसेंस किसने दिया? या फिर यह पूरा खेल प्रशासनिक साठगांठ और उत्पाद विभाग की नाक के नीचे बिना किसी खौफ के चल रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि इन होटलों में सुबह से लेकर देर रात तक पियक्कड़ों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे राहगीरों, खासकर महिलाओं और स्कूली बच्चों का सड़कों से गुजरना दूभर हो गया है।
उत्पाद विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण टंडवा में बाहरी लोगों और मजदूरों की भारी आवाजाही रहती है,जिसका फायदा उठाकर यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। इसके बावजूद उत्पाद विभाग की इस मामले पर चुप्पी रहस्यमयी बनी हुई है। क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्पाद विभाग और स्थानीय प्रशासन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए कड़ी छापेमारी और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।जनता की आवाज यदि समय रहते इन अवैध बियर-बारों पर ताला नहीं लगाया गया, तो टंडवा की कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल पूरी तरह बिगड़ जाएगा। प्रशासन को तुरंत जांच करनी चाहिए कि इन छोटे होटलों को शराब परोसने की छूट किसने दी।
उत्पाद अधीक्षक प्रेम प्रकाश उरांव के अनुसार जिले में अवैध शराब के निर्माण,भंडारण,परिवहन एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित छापामारी एवं गश्ती अभियान संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन औद्योगिक नगरी टंडवा में इसका कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला। जिसे धड़ले से टंडवा शहीद चौक के इर्द- गिर्द बीयर बार के तर्ज पर मादक पदार्थ परोसा जा रहा है।
