करेंट की चपेट में आने से हुआ हादसा
7 माह पूर्व घर से रोजी रोटी की तलाश मे गया था यूपी,
श्रम विभाग से मुआवजा की मांग
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
हंटरगंज (चतरा): प्रखंड के वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र के कसियाडीह गांव का एक प्रवासी मजदूर पलायन की भेंट चढ़ गया है। जोलडीहा पंचायत के कसियाडीह निवासी कुलेश्वर भुईयां के 35 वर्षीय पुत्र वकील भुइयां यूपी के बिजनौर जिले के जीतपुरा गांव में करेंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। उनका शव मंगलवार को गांव पहुंचा। युवक का शव मंगलवार शाम पहुंचते ही गांव में पूरा मातम पसर गया।मृतक वकील मजदूरी का काम करता था। वह 7 माह पूर्व यूपी मजदूरी के तलाश में गया हुआ था। यूपी में पहुंचकर बिजनौर जिले के जीतपुरा गांव में बड़े किसान घर खेती का काम करता था। मृतक सोमवार अहले सुबह जब ट्यूबवेल से खेत में पटवन कर रहा था। उसी दौरान वह कटे तार करेंट की चपेट में आ गया। सुबह जब आसपास की मजदूरों ने देखा की उसकी मौत हो चुकी है वहां मौजूद मजदूरों और अन्य साथियों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी ।वही अंतिम संस्कार के लिए शव को कसियाडीह गांव लाया गया। मंगलवार को अंतिम संस्कार हुआ। वकील की मौत से पत्नी व परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है। वकील के तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके पालन -पोषण की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। अपने पिता की बेसमय मौत से बच्चे सदमें में हैं । बता दे की वकील घर में मात्र एक ही कमाऊ सदस्य थे।इधर ग्रामीणों ने राज्य सरकार श्रम विभाग से मुआवजा की मांग की है।रोजी-रोटी की तलाश में छोटे गांवो से महानगरों के लिए पलायन सामान्य बात है। जहां कुछ लोग अपने मेहनत मजदूरी के बल पर अपने घर पैसा भेजने में कामयाब होते हैं। वहीं कई बार कुछ लोग हादसों का शिकार भी हो जाते हैं। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।
